प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को त्रिपुरा के गोमती ज़िले के उदयपुर स्थित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के पुनर्विकसित स्वरूप का लोकार्पण करेंगे। 524 साल पुराना यह मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है और पूर्वोत्तर भारत का सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर माना जाता है।
प्रधानमंत्री पहले अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में 5,127 करोड़ रुपये की 13 परियोजनाओं का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। इसके बाद वे अगरतला पहुँचकर हेलिकॉप्टर से उदयपुर जाएंगे, जहां मंदिर का उद्घाटन और पूजा-अर्चना करेंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने 12 किलोमीटर लंबे रोड शो के लिए चाक-चौबंद इंतज़ाम किए हैं।
यह पीएम मोदी का त्रिपुरा का 11वां दौरा और त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का दूसरा दर्शन है। इससे पहले उन्होंने अप्रैल 2019 में यहां पूजा की थी।
मंदिर का पुनर्विकास केंद्र सरकार की ‘प्रसाद’ योजना के तहत किया गया है, जिसमें 52 करोड़ रुपये केंद्र और 7 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने खर्च किए। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने खुद तैयारियों की निगरानी की और कहा कि पूरा त्रिपुरा इस ऐतिहासिक अवसर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, जिसे महाराजा धন্য माणिक्य ने वर्ष 1501 में बनवाया था, पूर्वी भारत का तीसरा प्रमुख शक्तिपीठ है, कोलकाता के कालीघाट और गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर के बाद।
प्रधानमंत्री का यह दौरा न सिर्फ श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है बल्कि यह त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को भी नए वैश्विक आयाम देगा।
