मन की बात- कोरोना से लेकर किताब, खादी से लेकर सरदार पटेल तक जानें क्या कुछ बोले पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी आज ‘मन की बात’ कार्य्रकम के 70वें संस्करण को संबोधित कर रहे हैं। पीएम ने इसके लिए लोगों से जहां अपने सुझाव देने की बात कही थी वहीं कल मन की बात कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा कि कल सुबह 11 बजे मन की बात कार्यक्रम के जरिए जुड़े। आज के मन की बात कार्यक्रम में पीएम ने कोरोना काल मे त्यौहार, चुनाव सहित कई अन्य मुद्दों पर अपने विचार रखे।

मुख्य बातें-
आज विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व है। इस पावन अवसर पर आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं। दशहरे का ये पर्व,असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। आज आप सभी बहुत संयम के साथ जी रहे हैं, त्योहार मना रहे हैं, इसलिए जो लड़ाई हम लड़ रहे हैं,उसमें जीत भी सुनिश्चित है- पीएम मोदी

इस बार, त्योहार के उत्साह के बीच, जब आप खरीदारी करने जाते हैं तो ‘स्थानीय के लिए मुखर’ के अपने संकल्प को याद रखना सुनिश्चित करें। बाजार से सामान खरीदते समय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें: पीएम मोदी


पहले, बड़ी संख्या में लोग दुर्गा पंडाल में इकट्ठा होते थे। यह दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान एक मेले जैसा माहौल था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। कई और त्योहार मनाए जाने हैं, हमें इस कोरोना संकट के दौरान संयम के साथ काम करना है-पीएम मोदी


हमें अपने उन जांबाजों को भी याद रखना है जो इन त्योहारों में भी सीमाओं पर डटे हैं और भारत माता की सेवा और सुरक्षा कर रहे हैं। हमें उनको याद करके ही अपने त्योहार मनाने हैं। हमें घर में एक दीया, भारत माता के इन वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है-पीएम मोदी

दिल्ली के कनॉट प्लेस के खादी स्टोर में इस बार गांधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ रुपए से ज़्यादा की खरीदारी हुई। इसी तरह कोरोना समय में खादी के मास्क भी बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। देशभर में कई जगह सेल्फ हेल्प ग्रुप और दूसरी संस्थाएं खादी के मास्क बना रहे हैं-पीएम मोदी

आजकल, हमारे पारंपरिक खेल मल्लखंब भी कई देशों में लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। अमेरिका में, जब चिन्मय और प्रज्ञा पाटनकर ने मल्लखंभ को घर पर पढ़ाना शुरू किया, तब उन्हें भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह इतनी सफलता हासिल करेगी। आज, अमेरिका में कई मलखंभ प्रशिक्षण केंद्र हैं: पीएम मोदी

पीएम ने मन की बात कार्यक्रम में एमपी, अरुणाचल, गुजरात की किताब दीदी सहित कई लोगों और संस्थाओं का जिक्र किया जो सुदूर गाँव मे लाइब्रेरी और किताबें उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे।


पीएम ने मन की बात के दौरान सरदार पटेल को याद करते हुए उनके सेंस ऑफ ह्यूमर पर बात की। पीएम ने इंदिरा गांधी को याद किया।महर्षि वाल्मीकि को पीएम ने किया नमन।
सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जन्म जयंती 31 अक्टूबर को हम ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के तौर पर मनाएंगे। बहुत कम लोग मिलेंगे जिनके व्यक्तित्व में एक साथ कई तत्व मौजूद हों-वैचारिक गहराई, नैतिक साहस, राजनैतिक विलक्षणता, कृषि क्षेत्र का गहरा ज्ञान और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण-पीएम मोदी

31 अक्टूबर को, हमने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को खो दिया। मैं सम्मानपूर्वक उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 

पीएम ने पुलवामा का जिक्र करते हुए पेंसिल स्लेट उत्पादन के मामले में अव्वल बताया। पीएम ने कहा देश का 90 फीसदी पेंसिल स्लेट कश्मीर में बनता है। आज कश्मीर का पुलवामा पूरे देश को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज देशभर में बच्चे अपना होमवर्क करते हैं नोट्स बनाते हैं तो कहीं न कहीं इसके पीछे पुलवामा के लोगों की कड़ी मेहनत भी है- पीएम मोदी

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