वाराणसी कमिश्नरेट के डीसीपी वरुणा जोन विक्रांत वीर के निजी नंबर से एक व्हाट्सएप ग्रुप पर पुलिस से जुड़े मैसेज फाॅरवर्ड होने से विभाग में हलचल बढ़ गई है। फॉरवर्ड के दो मिनट बाद उक्त मैसेज में से कुछ डीसीपी ने डिलीट कर दिये, कुछ रह गये जो अब दूसरे ग्रुपों में वायरल हो गए हैं।
रात 12.56 बजे वरुणा द्वारा सात मैसेज डाले गए और कुछ ही मिनट में दो मैसेज डिलीट कर दिए गए। फाॅरवर्ड पांच मैसेजों में पुलिस कमिश्नर, एडीजी लॉ एंड आर्डर और डीजीपी और कुछ अधिकारियों के नाम का जिक्र था। इसमें प्रपोजल से लेकर फटकार तक की बात लिखी हुई है।
हालांकि बाद में विक्रांत ने सफाई देते हुए एक मैसैज लिखा कि
“इस नंबर से इस ग्रुप में मेरी बिटिया के द्वारा खेलते समय कुछ मैसेज, जो पूरी तरह से असत्य हैं, गलती से चले गए हैं। इनका पूरी तरह से खंडन है और इसका किसी भी प्रकार से सच्चाई कोई वास्ता नहीं है।
इसे एक छोटी सी बच्ची का बचपना समझा जाए, और इसे पूरी तरह से निराधार माना जाए। जय हिंद।” थोड़ी देर बाद उनकी तरफ से एक और मैसेज किया गया, जिसमेंं लिखा था कि “किसी शरारती तत्व ने मेरे मोबाइल पर यह मैसेज भेजे, जो गलती से मेरी बिटिया ने फॉरवर्ड कर दिए।”
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डीसीपी विक्रांत वीर के व्हाट्सएप नंबर से भेजे गए संदेशों को लेकर पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने नाराजगी जताई है। उन्होंने वरुणा जोन से स्पष्टीकरण मांगा है कि उनके मोबाइल से प्रदेश के वरिष्ठ अफसरों को लेकर मैसेज व्हाट्सऐप्प ग्रुप पर क्यों फॉरवर्ड हुए।
मैसेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने वायरल मैसेज के फोटो को ट्विट करते हुए योगी सरकार पर हमला बोला, “आईपीएस विक्रांत वीर के इस कथित व्हाट्सएप चैट से योगी सरकार की हकीकत व ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल तथा मनमानापन पूरी तरह सामने आ जाता है। यह है योगी राज की हकीकत, जिसमे चैट सामने आने के बाद विक्रांत वीर द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाने की बात कही जा रही है।”
गौरतलब हो कि हाथरस में दलित युवती के साथ गैंगरेप की घटना के बाद वहां पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहे आईपीएस विक्रांत वीर को निलंबित कर दिया गया था और 6 महीने के बाद फरवरी 2021 में उन्हें दोबारा बहाल किया गया था। वाराणसी में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू हुआ तो विक्रांत वीर डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर तैनात किये गए।
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