कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक- सितंबर2020

सितंबर, 2020 में कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (आधार वर्ष: 1986-87=100) क्रमश: 10 और 11 अंक बढ़कर बढ़कर क्रमश: 1037 (एक हजार सैतीस) और 1043 (एक हजार तैंतालीस) के स्‍तर पर पहुंच गया। कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के सामान्य सूचकांक में हुई बढ़ोत्तरी में मुख्‍य योगदान खाद्य पदार्थों का रहा, जो क्रमशः (+) 9.20अंक और (+) 8.95 अंकों का रहा। मुख्यत: यह बढोत्तरी अरहर दाल, मसूर दाल, अखरोट का तेल, सरसों का तेल, सब्जियाँ और फलआदि की कीमतों में वृद्धि की वजह से हुई।

सूचकांक में वृद्धि  हर राज्‍य में भिन्‍न रही। कृषि श्रमिकों के मामले में सूचकांक ने 20 राज्यों में 1 से 23 अंकों तक की वृद्धि दर्शायी।  1234 अंकों के साथ तमिलनाडु राज्य सूचकांक तालिका में सबसे ऊपर है जबकि 816 अंकों के साथ हिमाचल प्रदेश राज्य सबसे नीचे है।

ग्रामीण श्रमिकों के मामले में सूचकांक ने 20 राज्यों में 2 से 20 अंकों तक की वृद्धि दर्शायी। तमिलनाडु राज्य 1218 अंकों के साथ सूचकांक तालिका में सबसे ऊपर रहा, जबकि हिमाचल प्रदेश 863 अंकों के साथ इस तालिका में सबसे नीचे रहा।

राज्यों के बीच, कृषि मजदूरों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संख्या में अधिकतम वृद्धि हिमाचल प्रदेश (+23 अंक) में दर्ज की गई और ग्रामीण मजदूरों के लिए यह जम्मू- कश्मीर (+20 अंक) दर्ज की गई। इतनी वृद्धि का मुख्य कारण गेहूं-अटा, दाल, सरसों-तेल, दूध, प्याज, मिर्च-सूखा, लहसुन, अदरक, नाई के शुल्क, बस का किराया, सब्जियां और फल आदि की कीमतों में वृद्धि रहा।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-कृषि श्रमिक (सीपीआई-एएल) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-ग्रामीण श्रमिक (सीपीआई-आरएल) पर आधारित बिंदु दर बिंदु मुद्रास्फीति दर अगस्त 2020 के 6.32 % और 6.28 % से घटकर सितंबर 2020 में क्रमश: 6.25 % और 6.10 % रह गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-कृषि श्रमिक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-ग्रामीण श्रमिक के खाद्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति दर सितंबर 2020 में क्रमशः(+) 7.65 प्रतिशत और (+) 7.61 प्रतिशत आंकी गई।

अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सामान्य और समूह-वार)

समूहकृषि श्रमिकग्रामीण श्रमिक
 अगस्त, 2020सितंबर, 2020अगस्त, 2020सितंबर, 2020
सामान्य सूचकांक1026103710331043
खाद्य पदार्थ9869999911004
पानसुपारीइत्यादि1688169417001706
ईंधन और प्रकाश1087109010821085
वस्त्रबिस्तर और फुटवियर1009101210331033
विविध1035104310401047

नवीनतम सूचकांक के बारे में बोलते हुए,श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा, ‘आठ महीने तक लगातार मुद्रास्फीति को कम करने से निश्चित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों श्रमिकों की आय में सुधार होगा, जिससे उनकी दैनिक बजटीय आवश्यकता बोझ कम में कमी आएगी।’

श्रम ब्यूरो के महानिदेशक श्री डीपीएस नेगी ने सूचकांक को जारी करते कोविड-19 महामारी के कारण देश में व्याप्त प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद मूल्य सूचकांक को एकत्रित, संकलित में अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।

अक्टूबर, 2020 का सीपीआई- एल और आरएल 20 नवंबर, 2020 को जारी किया जाएगा।

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