दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर गुरुवार सुबह 204.88 मीटर तक पहुंच गया, जो कि चेतावनी स्तर 204.50 मीटर को पार कर चुका है। यह माप पुराने रेलवे पुल (ओल्ड रेलवे ब्रिज) पर दर्ज की गई, जो नदी की निगरानी के लिए अहम बिंदु माना जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि संभावित बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में यमुना का खतरे का निशान 205.3 मीटर और निकासी की सीमा 206 मीटर है। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो निचले इलाकों से लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
बाढ़ नियंत्रण केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा स्थित हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे जल प्रवाह 61,000 क्यूसेक तक पहुंच गया — जो इस मानसून का अब तक का सबसे अधिक है।
इसके बाद हर घंटे लगातार 50,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। आमतौर पर हथिनीकुंड से पानी को दिल्ली तक पहुंचने में 48 से 50 घंटेलगते हैं।
अगर यह स्थिति बनी रही, तो अगले 48 घंटों में जलस्तर और भी बढ़ सकता है, जिससे राजधानी के कई निचले इलाके प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
