सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आवारा कुत्तों के मामले में बड़ा आदेश जारी किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी इलाके में छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। हालांकि, आक्रामक स्वभाव वाले और रेबीज़ से ग्रसित कुत्तों को नहीं छोड़ा जाएगा।
जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन.वी. अंजारिया की तीन-न्यायाधीशों की बेंच ने कहा कि इस विषय से जुड़ी सभी याचिकाओं को अब सुप्रीम कोर्ट ही सुनेगा और एक व्यापक राष्ट्रीय नीति बनाई जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। इसके लिए नगर निगमों को तय स्थान बनाने होंगे।
जो लोग सड़कों पर कुत्तों को खाना खिलाते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नगर निगम को निर्देश दिया गया कि निर्धारित स्थानों पर नोटिस बोर्ड लगाए जाएं, ताकि लोग केवल वहीं भोजन करवा सकें।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में 37 लाख डॉग बाइट्स और 54 संदिग्ध रेबीज़ से मौतें दर्ज की गईं। बढ़ते मामलों को देखते हुए अदालत ने पहले सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर में ले जाने का आदेश दिया था। लेकिन पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और आम जनता के विरोध के बाद अब इस आदेश में संशोधन किया गया है।
