दिल्ली को हर साल परेशान करने वाली जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने नया स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान मंज़ूर कर दिया है। करीब पाँच दशकों बाद हो रहे इस बड़े बदलाव से राजधानी को न सिर्फ़ बाढ़ से राहत मिलेगी बल्कि यह जलवायु परिवर्तन और तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों से भी निपटेगी।
यह योजना आधुनिक तकनीकों—ArcGIS, SewerGEMS और SWMM—की मदद से तैयार की गई है, जिसमें दिल्ली की नालियों, झीलों, वेटलैंड्स और हरित क्षेत्रों को एकीकृत ढंग से मैप किया गया है। योजना में 11% तक बढ़ी हुई वर्षा की संभावना को भी ध्यान में रखा गया है।
इस प्लान का केंद्र ‘नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस’ हैं। झीलों और वेटलैंड्स को पुनर्जीवित करने, वर्षा जल संचयन और हरित पार्कों को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया जाएगा। इससे न केवल पानी का बेहतर प्रबंधन होगा बल्कि भूजल पुनर्भरण और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।
योजना में IoT-आधारित मॉनिटरिंग, रीयल-टाइम डेटा ट्रैकिंग और स्पेशल टीम की तैनाती शामिल है ताकि भारी बारिश के दौरान तुरंत कार्रवाई हो सके। कार्यान्वयन चरणबद्ध ढंग से होगा और सबसे बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार का दावा है कि इस योजना से न सिर्फ़ ट्रैफिक और स्वास्थ्य संबंधी दिक़्क़तें कम होंगी बल्कि दिल्ली एक टिकाऊ और आधुनिक शहर की ओर भी मज़बूत कदम बढ़ाएगी।
