दिल्ली अब सिर्फ राजनीति और इतिहास के लिए नहीं, बल्कि सिनेमा के लिए भी पहचानी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘सेलेब्रेटिंग इंडिया फिल्म फेस्टिवल’ के समापन समारोह में घोषणा की कि राजधानी को अंतरराष्ट्रीय फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए नई फिल्म पॉलिसी लाई जाएगी।
इस पॉलिसी के तहत सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम से शूटिंग की मंजूरी दी जाएगी और विश्वस्तरीय फिल्म इंडस्ट्री इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। साथ ही, दिल्ली सरकार 30 करोड़ रुपये के बजट से इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन करेगी, जिसमें दुनियाभर के फिल्ममेकर और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा होते हुए भी यहां अपनी फिल्म इंडस्ट्री विकसित करने की गंभीर पहल कभी नहीं हुई। टैलेंट को अब मुंबई नहीं जाना पड़ेगा, शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक की सुविधा यहीं मिलेगी।”
सरकार ने दिल्ली को फिल्म प्रोडक्शन हब बनाने के लिए अलग से 3 करोड़ रुपये भी तय किए हैं। इससे न केवल शूटिंग एप्लिकेशन बढ़ेंगे, बल्कि पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी।
त्योहार में भारत और विदेश की विविध विषयों पर आधारित फिल्मों और डॉक्यूमेंट्रीज़ की स्क्रीनिंग होगी, जो नए टैलेंट को मंच और वैश्विक सहयोग का अवसर देगी। उद्योग जगत इसे दिल्ली की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान बदलने वाला कदम मान रहा है।
