दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए अब जनता को खुली चुनौती दी है। शुक्रवार को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने ‘क्लीन-एयर इनोवेशन चैलेंज’ की घोषणा की है, जिसके तहत सस्ती और प्रभावी तकनीक विकसित करने वालों को 50 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ऐसी तकनीकें खोजना है जो सड़कों, वाहनों और निर्माण स्थलों से निकलने वाले धूल और धुएं को सीधे तौर पर कम कर सकें। सरकार का कहना है कि यह देश का पहला ऐसा इनोवेशन प्लेटफॉर्म है जो “हवा में बदलाव” लाने वालों को मौका देगा।
पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने कहा, “दिल्ली अब किसी भी कामयाब तकनीक के लिए अपने दरवाज़े खोल रही है। जो भी उपाय PM2.5 और PM10 को घटा सके, सस्ता हो और आसानी से लगाया जा सके -हम उसे अपनाएंगे।”
इस चैलेंज में तीन चरण होंगे –प्रारंभिक स्क्रीनिंग, विशेषज्ञों द्वारा फील्ड या लैब ट्रायल, और अंत में राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं (जैसे नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी) द्वारा वैधता जांच।
दूसरे चरण तक पहुंचने वाले आवेदकों को 5 लाख रुपये, जबकि अंतिम चरण में सफल समाधानों को 50 लाख रुपये तक का पुरस्कार दिया जाएगा।
आवेदन 31 अक्टूबर 2025 तक [www.dpcc.delhigovt.nic.in](http://www.dpcc.delhigovt.nic.in) पर किए जा सकते हैं। मंजींदर सिंह सिरसा ने कहा, “केवल सख्ती से नहीं, इनोवेशन से दिल्ली की हवा साफ़ होगी – अब यह मिशन 24×7 चलेगा।”
