मदुरई में 30 वर्षीय दीनेश कुमार की हिरासत में मौत के मामले में मद्रास हाईकोर्ट की मदुरई बेंच ने शुक्रवार को क्राइम ब्रांच–CID (CBCID) जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने तत्काल पोस्टमॉर्टम कराने और वंदीयूर चेकपोस्ट के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश भी जारी किए हैं।
यह आदेश अधिवक्ता और दलित समुदाय के नेता सी. सेल्वकुमार की याचिका पर दिया गया, जिन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले दीनेश कुमार की 9 अक्टूबर को पुलिस हिरासत में यातना देकर हत्या की गई है।
याचिका के अनुसार, दीनेश को गुरुवार सुबह अन्ना नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने पूछताछ के नाम पर घर से उठाया था। बाद में परिवार को बताया गया कि वह “भागते समय नहर में गिर गया”, जबकि परिजन इसे मनगढ़ंत कहानी बता रहे हैं।
दीनेश की माँ, मुथुलक्ष्मी ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में इंस्पेक्टर फ्लावर शीला और तीन अन्य पुलिसकर्मियों पर घर में घुसकर मारपीट, जातिसूचक गालियां देने और बेटे को जबरन ले जाने का आरोप लगाया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से CBCID जांच, ₹25 लाख का मुआवज़ा और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
वहीं पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि दीनेश फरार होते समय पानी में गिरने से मरा है। हाल ही में शिवगंगा जिले में भी एक सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध हिरासत मौत से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठें हैं।
