भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में पाकिस्तान के लिए खुफिया जानकारी लीक करने वाले तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक बड़ा खुलासा किया है। इनमें एक CRPF का जवान, एक राज्य स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी और एक यूट्यूबर शामिल हैं। सभी मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के गंभीर आरोप हैं।
सबसे चौंकाने वाला मामला- CRPF जवान की गिरफ्तारी
26 मई को दिल्ली से CRPF के ASI मोतीराम जाट को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार किया। वह CRPF की 116वीं बटालियन में कार्यरत था और उसकी पोस्टिंग पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में थी। बताया जा रहा है कि वह 2023 से पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेज रहा था, जिसके बदले उसे पैसे मिलते थे।
NIA की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच के दौरान मोतीराम द्वारा सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन का पता चला। CRPF ने 21 मई को उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया। फिलहाल वह 6 जून तक NIA की हिरासत में है।
गुजरात: संविदा कर्मचारी ने भेजी सुरक्षा यूनिट्स की तस्वीरें
गुजरात के कच्छ ज़िले में ATS ने 24 मई को सहदेव सिंह गोहिल को गिरफ्तार किया। वह स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर कार्यरत था और उसने BSF और नौसेना यूनिट्स की तस्वीरें, पाकिस्तान के एजेंट को व्हाट्सएप पर भेजीं। पहली बार जानकारी देने के बदले उसे ₹40,000 नकद मिले थे।
हरियाणा: यूट्यूबर के जासूसी नेटवर्क से जुड़े तार
तीसरा मामला हरियाणा के हिसार से सामने आया है, जहां 15 मई को यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके मोबाइल और लैपटॉप से संदिग्ध डेटा बरामद हुआ है। वह कथित रूप से ISI एजेंट अली हसन के संपर्क में थी और यात्रा के दौरान बनाए गए वीडियो भी जांच के घेरे में हैं।
सुरक्षा एजेंसियां तीनों मामलों की गहराई से जांच कर रही हैं और यह आशंका जताई जा रही है कि इन आरोपियों के संपर्क में और भी लोग हो सकते हैं। इन गिरफ्तारियों ने एक बार फिर आंतरिक सुरक्षा में सतर्कता की आवश्यकता को उजागर किया है।
