शीना बोरा हत्याकांड में एक अहम मोड़ आ गया है। अभियोजन पक्ष की गवाह और इंद्राणी मुखर्जी की बेटी विधि मुखर्जी ने अपनी गवाही से पलटते हुए CBI पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को मुंबई की विशेष अदालत में दाखिल हलफनामे में विधि ने दावा किया कि 2015 में इंद्राणी की गिरफ्तारी के बाद CBI ने उनका बयान दर्ज किया था। यह उनके दो दिन पहले दिए बयान के बिल्कुल उलट है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने कभी बयान नहीं दिया और चार्जशीट में जो बयान है, वो “फर्ज़ी और बनावटी” है।
स्पेन में रहने वाली 28 वर्षीय विधि ने यह हलफनामा 2022 में तैयार किया था, ताकि अगर वो कोर्ट में पेश न हो पाएं, तो इसका उपयोग किया जा सके। हलफनामे में उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के समय वह पूरी तरह डरी और भ्रमित थीं।
विधि ने इंद्राणी, पीटर और राहुल मुखर्जी के साथ पारिवारिक रिश्तों की भी तस्वीर पेश की। उन्होंने राहुल पर आरोप लगाया कि वह शीना को परिवार से दूर रखते थे और शीना की नौकरी मिलने पर नाराज़ हुए।
इसके साथ ही विधि ने अपनी किताब “Devil’s Daughter” की सामग्री से भी खुद को अलग किया और कहा कि उन्हें उसका पछतावा है।
शीना बोरा की 2012 में हत्या कर शव को रायगढ़ के जंगलों में जलाकर फेंकने का आरोप इंद्राणी, उनके ड्राइवर और संजीव खन्ना पर है।
शीना बोरा केस में बड़ा मोड़! गवाही से पलटीं विधि मुखर्जी, CBI पर भी उठाए सवाल
