सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोपी गैंगस्टर जगरूप सिंह रूपा और मनप्रीत को आज अमृतसर के पास पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। इस मुठभेड़ के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। अमृतसर से 20 किलोमीटर दूर भकना गांव में मुठभेड़ दोपहर में शुरू हुई यह मुठभेड़ तक़रीबन 6 घंटे चली। इससे पहले पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स दोनों लोगों का पीछा कर रही थी। वे उन तीन शूटरों में शामिल थे जो अभी भी फरार थे। इनमें से दीपक मुंडी का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बाकी इनमें कम से कम छह शूटर थे और सबको गिरफ्तार कर लिया गया हैं।
पुलिस के जगरूप रूपा के मरने के कुछ मिनट पहले ही एंबुलेंस इलाके में पहुंच गई थी। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और लोगों को घरों में ही रहने को कहा गया। शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूस वाला (28) जो एक गायक-गीतकार और रैपर होने के अलावा कांग्रेस के नेता थे, की 29 मई को पंजाब के मनसा जिले में उनके गांव मूसा के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मन्नू कुस्सा पर आरोप है कि उसने मूसेवाला पर एके-47 राइफल से पहली गोली चलाई थी।
पंजाब और दिल्ली की पुलिस मामले पर कार्रवाई कर रही है। हत्या को कथित तौर पर कनाडा के सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर निर्देशित किया था, जो पहले से ही दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। गोल्डी बरार पर आरोप है कि उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए हत्या की जिम्मेदारी ली थी। पोस्ट में कहा गया है कि यह पिछले साल एक अकाली नेता विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या का बदला था।
इंटरपोल ने तब से पंजाब के फरीदकोट में दर्ज दो अन्य मामलों के संबंध में गोल्डी बरार का पता लगाने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हैं। पंजाब की भगवंत मान की अगुवाई वाली आप सरकार भी सवालों का सामना कर रही है, क्योंकि हत्या सिद्धू मूस वाला की सुरक्षा को “वीआईपी संस्कृति” के खिलाफ एक बड़े अभियान के हिस्से के रूप में दो पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया था। हालांकि, जो पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात थे उन्हें भी हत्या के दिन गायक ने साथ नहीं लिया था, और न ही वह अपनी बुलेटप्रूफ कार का इस्तेमाल कर रहा था।
