हाल के दिनों में भारत से दूर हो चीन से नजदीकियां बढ़ाने वाला नेपाल अब चीन के वुहान से निकले वायरस कोरोना से बुरी तरह प्रभावित है। आलम यह है कि तेजी से बढ़ते संक्रमितों का इलाज के लिए संसाधनों का घोर अभाव देखा जा रहा है।
नेपाल में अभी तक कुल संक्रमितों का आंकड़ा 22 हजार के पार कर गया है वहीं नेपाल की कुल क्षमता एक वक्त में 25 हजार मरीजों की है। ऐसे में तेजी से बढ़ते कोरोना के मरीजों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि अगले एक हफ्ते में कुल संख्या 25 हजार के पार हो जाएगी।
नेपाल के प्रमुख अखबार ने नेपाल के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख स्पेशलिस्ट डॉ रमेश पोखरियाल के हवाले से लिखा है कि संक्रमण का खतरा काफी बढ़ा हुआ और गंभीर है। मौजूदा संसाधन 25 हजार से ज्यादा मरीजों को हैंडल नही कर पाएंगे।
गौर करने वाली बात यह है कि बाकी देश जहां कोरोना से लड़ाई में जांच की संख्या बढ़ा रहे हैं वहीं नेपाल ने टेस्टिंग कम कर दी है। आलम यह है कि इस देश के 40 सरकारी लैब में सिर्फ गुरुवार को 7 हजार टेस्ट हुए वहीं निजी लैब में आंकड़ा 5 हजार 16 का रहा था।
नेपाल में बढ़ते कोरोना के संक्रमण को देखते हुए यहां की केपी ओली सरकार दोबारा लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रही है। आपको बता दें कि भारत ने कोरोना से लड़ते इस देश को आज ही गांधी जयंती के अवसर पर 45 एम्बुलेंस भेंट की हैं।
इसे भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। वहीं भारत से दूर और चीन से नजदीकी बढ़ाने वाले ओली को संकट की इस घड़ी में चीन से अभी तक कुछ खास हासिल नही हुआ है।
