कोरोना काल मे आयोजित हो रहे मॉनसून सत्र के दौरान और इससे पहले लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस सत्र की अवधि घटाई जा सकती है। मॉनसून सत्र के पहले दिन दो दर्जन से ज्यादा सांसदों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह चिंता बढ़ गई है और संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए इसकी अवधि को कम करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। आपको यहां यह भी बता दें कि सांसदों के अलावा अभी तक कोरोना से कम से कम सात केंद्रीय मंत्री भी संक्रमित हो चुके हैं। इनमे गृह मंत्री अमित शाह और सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय देखने वाले नितिन गडकरी भी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में शामिल ज्यादातर पार्टियों के नेताओं ने सत्र को निर्धारित समय से पहले खत्म करने की पैरवी की। इस समिति के सदस्यों में अलग-अलग पार्टियों के नेता होते हैं जबकि अध्यक्ष लोकसभा स्पीकर होते हैं। समिति की बैठक के बाद मील सुझावों को देखते हुए पहले से एक अक्टूबर तक तय की गई इस अवधि को कम किया जा सकता है। एक अक्टूबर में अभी काफी लंबा वक्त है और संक्रमण के प्रसार को देखते हुए यह जोखिम भरा साबित हो सकता है। इस मामले पर सभी दलों को एकमत देखते हुए सरकार इसे कम करने की घोषणा कर सकती है।
