विश्वास बहाली के लिए व्लादिमीर पुतिन की राह चलेंगे डॉ हर्षवर्धन, जानें कैसे

कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन संडे संवाद में लोगों के सवालों के जवाब दे रहे थे। इस संवाद के दौरान ज्यादातर लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री से वैक्सीन से संबंधित सवाल पूछे। इन सवालों के जवाब देते हुए डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि गके साल की शुरुआत में कोरोना वैक्सीन आ सकती है।


इसी संवाद के क्रम में आकांक्षा और जैस्मीन नाम की दो लड़कियों ने स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया कि क्या  अगर वैक्सीन आ जाएगी तो आपको इतना भरोसा है कि आप ख़ुद इसे लगवाएंगे?इस सवाल के जवाब में डॉ. हर्षवर्धन ने जवाब देते हुए कहा कि इस प्रश्न के दो पहलू हैं।

उन्होंने कहा, “पहला तो यह कि जो भी वैक्सीन उपलब्ध होगी वो पूरी तरह से सुरक्षित होगी या नहीं। अगर आपके मन में यह शक है तो उस शक को दूर करने के लिए, विश्वास को और मज़बूत करने के लिए अगर भारत के स्वस्थ्य मंत्री को सबसे पहले वैक्सीन लगवानी होगी तो मैं (डॉ. हर्षवर्धन) ख़ुद सबसे पहले वैक्सीन लगवाऊंगा।”

डॉ हर्षवर्धन के इस कदम को कोरोना वैक्सीन की सफलता के संशय को दूर करने से जोड़ कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले रूस ने जब कोरोना वैक्सीन के सफल परीक्षण के ऐलान किया था तब व्लादिमीर पुतिन ने एक और जानकरी साझा की थी। इस जानकारी में उन्होंने कहा था कि उनकी बेटी ने खुद रूसी कोरोना वैक्सीन का डोज लिया है और वह स्वस्थ है। यह कदम उन्होंने डब्लूएचओ और अमेरिका के उन सवालों के बीच उठाया था जिसमे रूसी वैक्सीन के सफलता पर संशय व्यक्त किया गया था।

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