हाथरस केस में सीबीआई की पड़ताल का आज तीसरा दिन है. जबसे केस सीबीआई के हाथो में आया है, इस केस की जांच में तेज़ी आ गई है. CBI की टीम आज सुबह चारों आरोपियों के घर पहुंची और उनके घरवालों से पूछताछ की. CBI ने उनके बयान भी दर्ज़ किये. आरोपियों के परिवार वालों का कहना है की उनके बच्चों को फसाया जा रहा है. उन्होंने यह घिनौना काम नहीं किया. उनके ऊपर लगे सभी आरोप झूठे है.
इससे पहले कल सीबीआई की टीम ने पीड़िता के दोनों भाई और बाप के बयान दर्ज़ किये थे. इस मामले पर उनसे कई देर सीबीआई की टीम ने पूछताछ की थी. इसके लिए भारी सुरक्षा के बीच तीनो को सीबीआई के ऑफिस ले जाया गया था.
आपको बतादें की सबसे पहले सीबीआई की टीम हाथरस के बुलगढ़ी गांव पहुंची थी जंहा लड़की के साथ दरिंदगी हुई थी. CBI की टीम मौका-ए-वारदात पर पहुंची और क्राइम सीन की जांच की.
सीबीआई की टीम के साथ फॉरेक्सिक एक्सपर्ट भी थे. वहाँ से उन्होंने सबूत इखट्टा किये. सीबीआई की टीम ने मौका-ए-वारदात की वीडियो फिल्म भी बनाई.
इसके बाद सीबीआई ने उस जगह का दौरा भी किया जहां पर पीड़िता की लाश को रात पुलिस ने जबरन जला दिया था. सुबह सीबीआई की टीम पहुँचने से पहले ही पुलिस ने सारे इलाके को घेर कर नाकेबंदी कर दी थी. मौका-ए-वारदात पर सीबीआई की टीम के साथ पीड़िता का भाई भी मौजूद था जिसके आखों के सामने यह सारा घटनाक्रम हुआ था.
वहीँ दूसरी ओर इस केस को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है. सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता के परिवार वालों की सुरक्षा को लेकर एक याचिका दायर हुई थी जिसमें उनकी सुरक्षा को लेकर कुछ सवाल उठाये गए थे. पिछली सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट में हलफनामा देते हुए कहा था की परिवार की सुरक्षा को पूरा बंदोबस्त किया हुआ है.
उनकी निगरानी में पुलिस फाॅर्स के 60 से ऊपर जवान तैनात है वहीँ उनकी निजता को ध्यान में रखते हुए घर में CCTV कैमरे भी लगाए गए है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने इस केस में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है जिसमें उसने कोर्ट से गुज़ारिश की है की इस केस की निगरानी सुप्रीम कोर्ट खुद करे. यही नहीं, यूपी सरकार ने इस केस को सुलझाने की समय सीमा भी तय करने की गुज़ारिश की थी.
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