तालिबानी आतंकियों को महर्षि वाल्मीकि से तुलना करना शायर मुनव्वर राणा को पड़ा भारी

शायर मुनव्वर राणा द्वारा तालिबान की तुलना रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि से करने के खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की है। हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी श्याम शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि वाल्मीकि समाज के नेता पीएल भारती की तहरी पर मुनव्वर राणा के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और अन्य कई धाराओं में  मुकदमा दर्ज किया गया है जिसमें पीएल भारती ने हजरतगंज थाने में दावा कि शायर ने तालिबान की तुलना महर्षि से कर के देश के करोड़ों दलितों को ठेस पहुंचाई है, उनका अपमान किया है, साथ ही हिंदु आस्था को चोट पहुंचाई है।

मुनव्वर राना ने चर्चा में कहा था कि, “वाल्मीकि जो पहले क्या थे और बाद में क्या हो गए। तालिबानी भी पहले से बदल चुके हैं। अब पहले जैसा माहौल नहीं है। तालिबानी बुरे लोग नहीं है। हालातों के चलते वो ऐसे हो गए हैं। तालीबानियों पर भरोसा किया जा सकता है।” यह बातें उन्होंने टीवी चैनल आज तक के एक इंटरव्यू में कही थी।

हालांकि मामला ज्यादा बढ़ने के बाद शायर ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इश्क करते हैं और उनके तालिबान से ज्यादा हथियार भारत के माफियाओं के पास होने वाले बयान को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। “यह बात मैंने कही थी और इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए, क्योंकि तालिबान एक जंगली कौम है और हिंदुस्तान एक मुल्क है।

अगर 10-20 भी भारत में हथियार निकले तो यह बुरी बात है। मैंने कोई तुलना नहीं की थी और देश में कितने हथियार हैं, उसका रिकॉर्ड पुलिस के पास होगा। मेरा ऐसा कहना कोई बड़ी बात नहीं है। मैंने शायराना अंदाज में हथियार वाली बात कही थी।” सफाई रखते हुए मुनव्वर राना ने कहा।

मोदी सरकार में देश के विकास को लेकर पूछे गए एक सवाल पर शायर ने कहा, ”मैं मोदी जी को पसंद करता हूं। मेरी कमजोरी है कि मैं मोदी जी से इश्क करता हूं। जब मैंने अवॉर्ड वापस किया था, तब वे मुझसे काफी नाराज थे, लेकिन मेरी मां के निधन पर उन्होंने मुझे पत्र लिखा था और मैं काफी शर्मिंदा हुआ। जब मैं मोदी जी से मिलने गया तो मैंने कहा कि सर, मैं इसलिए मिलने आया हूं कि आपने जब मेरी मां के निधन पर जब पत्र लिखा तो मैं शर्मिंदा हुआ।

जब मैंने अवॉर्ड वापस किया था, तब आपने अपने पीए के जरिए से मुझे बुलाया था, मैं नहीं आ पाया था। मैंने उनसे यह भी कहा कि सबका साथ-सबका विकास के नारे पर सच्चे तौर पर अमल हो जाए तो मैं आपको इतिहास के पन्ने पर सम्राट अशोक की तरह देखना चाहता हूं, दागदार प्रधानमंत्री की तरह नहीं देखना चाहता।”

साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सवाल पर उन्होंने कहा कि “मैं योगी जी से मिला हूं, वह मठ के आदमी हैं और योगी ही रहते हैं। जब शख्स सत्ता में आता है तो हिंदू मुस्लिम भूलकर मोहब्बत करना सीख लेता देता है और योगी जी यह नहीं कर सके हैं। मुमकिन हो कि यदि वे प्रधानमंत्री बन जाएं तो शायद मोहब्बत से मिलने लगेंगे। नाम बदलना छूट जाएगा।”

अपने देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित ना होने के बयान पर सफाई पेश करते हुए नहीं है तो उन्होंने कहा कि “मैंने ऐसा कभी नहीं कहा। इसको लेकर एक भी रिकॉर्ड नहीं दिखाया जा सकता है। अल्पसंख्यक का मतलब गरीब होता है नाकि सिख, क्रिश्चियन या कोई और। दिक्कत यह है कि मैं शायरी की आवाज बोलता हूं।”

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