यूपी के वरिष्ठ आईएएस के घर सजी कट्टरता की क्लास, वायरल हुआ वीडियो

उत्तर प्रदेश में एक वरिष्ठ अधिकारी पर धर्मांतरण के आरोप लगे हैं। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी इफ्तिखारुद्दीन के घर का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक इस्लामिक धर्मगुरु इस्लाम धर्म कबूल करने के फायदे बताते हुए दिख रहा है और साथ ही आईएएस अधिकारी इफ्तिखारुद्दीन भी दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो उन्हीं के कानपुर स्थित सरकारी आवास का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि इस्लामिक धर्मगुरु वहां मौजूद लोगों को इस्लाम धर्म को कबूल करने के फायदे बता रहा है और कई तरह की इस्लामिक कहानियां भी सुना रहा है।

धर्मगुरु वीडियो में यह भी कहते हुए सुना जा रहा है कि इस्लाम में बहन बेटियों को जलाया नहीं जाता। “अल्लाह ने हमें उत्तर प्रदेश के तौर पर ऐसा सेंटर दिया है जहां से पूरे देश और पूरी दुनिया में काम कर सकते हैं।” वहीं जब मुस्लिम धर्मगुरु इस्लाम पर अपना पाठ पढ़ा रहे थे तब अधिकारी इफ्तिखारुद्दीन नीचे जमीन पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।

ऐसे में अब उनपर भी आरोप है कि वे वहां बैठे लोगों को इस्लाम धर्म अपनाने का पाठ पढ़ा रहे थे। वायरल वीडियो में इस्लामिक वक्ता एक कहानी सुनाते दिखाई दे रहा है कि “बीते दिनों पंजाब के एक भाई ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था।

तो मैंने उनसे कहा इस्लाम धर्म कबूलने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि कि बहन की मौत के कारण इस्लाम कबूल किया है। उसने बताया कि बहन की मौत के बाद मरने पर जलाया तो कपड़ा जल गया वो निर्वस्त्र हो गई।

सब देख मुझे बहुत शर्म आई और मैं वहां से निकल गया। फिर मैंने सोचा कि आज तो मेरी बहन को लोग देख रहे हैं, मेरी बेटी भी है, कल उसको भी लोग देखेंगे मरने के बाद ये भी ऐसे ही जलेगी। तभी मेरे विचार में यह आया कि इस्लाम ही सबसे अच्छा धर्म है। तब मैंने सोचा कि मुझे इस्लाम कबूल कर लेना चाहिए।”

मामले को मठ एवं मंदिर समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश अवस्थी ने उठाया है और कहा कि वीडियो में हिंदू धर्म के खिलाफ बहुत दुष्प्रचार किया जा रहा है। उनका मानना है कि प्रथम दृष्टि से यह मामला धर्म परिवर्तन का दिखता है।

किसी भी अधिकारी को इस तरह का कृत्य करने का अधिकार नहीं है वरना यह सरकारी नियमावली का घोर उल्लघंन होगा। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर और शिकायती पत्र ट्वीट भी किया है।

इस बीच, योगी सरकार में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि धर्मांतरण के आरोपों की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं स्थानीय प्रशासन ने राज्य सरकार के निर्देश पर मामले की जांच शुरू कर दी है। कानुपर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण द्वारा वीडियो के जांच का काम एडीसीपी पूर्वी सोमेन्द्र मीणा को सौंपा गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *