राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत और अन्य नेता महर्षि व्यास सभागार में आज वार्षिक दशहरा समारोह में भाग लिया। यह आयोजन नागपुर में आरएसएस के मुख्यालय में किया गया। इस दौरान कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए सभागार के अंदर केवल 50 स्वयंसेवकों को अनुमति दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मोहन भागवत ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा,’पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे चीन भारत के क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहा है। चीन के विस्तारवादी व्यवहार से हर कोई वाकिफ है। चीन कई देशों-ताइवान, वियतनाम, यू.एस., जापान और भारत के साथ लड़ रहा है। लेकिन भारत की प्रतिक्रिया से चीन घबरा गया है।’
इस अवसर पर आगे बोलतेे हुए मोहन भागवत ने कहा,’भारत के रक्षा बल और नागरिक चीन के हमले के सामने दृढ़ता से खड़े थे, जो उनके दृढ़ संकल्प और वीरता को प्रदर्शित करता था। सामरिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से, चीन को एक अप्रत्याशित झटका मिला। हमें नहीं पता कि चीन कैसे प्रतिक्रिया देगा, इसलिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है।’
