बहराइच में सैय्यद सालार मसूद गाजी की मजार पर जाने के मामले ने वाराणसी में भी तूल पकड़ लिया है। इसके विरोध में शुक्रवार को वाराणसी में सर्किट हाउस के समीप राजभर समाज के युवकों ने सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का पुतला फूंका और उन्हें समाज की बस्तियों में आने पर ईंट-पत्थर मार कर भगा देने का संकल्प लिया।
सभी ने कहा कि महाराजा सुहलदेव राजभर का अपमान करने वाले नेता कभी भी राजभर समाज के नेता नहीं हो सकते हैं। इस दौरान राजभर समाज के युवकों ने ओम प्रकाश और ओवैसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की दोनों को देशद्रोही कहा।
विरोध-प्रदर्शन और पूतला फूंकने के कार्यक्रम की अगुवाई प्रकाश राजभर कर रहे थे जिन्होंने कहा कि, ओम प्रकाश राजभर ने ऐसी गलती की है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती है।
उन्होंने सवाल पूछा कि महाराजा सुहलदेव के नाम की कसमें खाने वाले ओम प्रकाश राजभर आखिरकार देश को लूटने वाले गाजी की मजार पर सजदा करने कैसे चले गए? अब वह राजभर समाज के लोगों के बीच कौन सा मुंह लेकर आएंगे? क्या राजभर समाज ने उन्हें इसीलिए नेता बनाया था? साथ ही कहा कि महाराजा सुहलेदव का अपमान करने वाले को राजभर समाज बड़ा सबक सिखाएगा।
गौरतलब हो कि एआईएमआईएम के पार्टी कार्यालय के उद्घाटन के बाद अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के साथ राजभर सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर पहुंचे थे और चादरपोशी की थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह कदम ओमप्रकाश राजभर को भारी पड़ेगा क्योंकि उन्होंने महाराजा सुहेलदेव की धरती पर उनका अपमान किया।
वह गाजी जैसे आक्रांता की मजार पर गए लेकिन महाराजा सुहेलदेव को नमन तक नहीं किया, ऐसे में राजभर समाज उन्हें अपनी बस्ती में घुसने तक नहीं देगा।
Read More
- 12 जुलाई से फिर लगेगा जनता का दरबार, मुख्यमंत्री सुनेंगे समस्याएं
- सलमान खान के लिए फिर आई मुसीबत, चंडीगढ़ पुलिस ने किया तलब
- ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के जरिए होगा पूरा मनोरंजन, ये शोज़ और फिल्में देखने को मिलेंगे
- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके दिल्ली में लॉकडाउन पर दी बड़ी खबर
- बिजनेसमैन बने तेजप्रताप यादव, शुरू किया अगरबत्तियों का कारोबार
- सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को जारी किए नए निर्देश, नागरिकता संशोधन कानून को लेकर है मामला
- उत्तर प्रदेश में एक और चुनाव से अलग हुई बसपा, सुप्रीमो मायावती ने सपा को घेरा

2 thoughts on “ओमप्रकाश राजभर के लिए महंगा पड़ा गाजी की मजार पर जाना, ईट पत्थर से मारने की मिली धमकी”