रविवार को राज्यसभा में कृषि बिल विधेयकों को लेकर हुए हंगामे से आहात राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने निलंबित सांसदों के आचरण के विरुद्ध एक दिन का उपवास रखने का ऐलान किया है. ये जानकारी उन्होंने राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर दी. वह 22 सितम्बर सुबह से 23 सितम्बर की सुबह तक उपवास पर बैठेंगे.
वेंकैया नायडू को लिखे पत्र में हरिवंश ने लिखा “भगवान बुद्ध मेरे जीवन के प्रेरणास्रोत रहे हैं. बिहार की धरती पर ही आत्मज्ञान पानी वाले बुद्ध ने कहा था- आत्मदीपो भव:. मुझे लगा कि उच्च सदन के मर्यादित पीठ पर मेरे साथ जो अपमानजनक व्यवहार हुआ,उसके लिए मुझे एक दिन का उपवास करना चाहिए. शायद मेरे इस उपवास से सदन में इस तरह का आचरण करने वाले माननीय सदस्यों के अंदर आत्मशुद्धि का भाव जागृत हो जाए.”
हरिवंश ने अपने पत्र में महात्मा गाँधी के मूल्यों और जेपी आंदोलन का भी ज़िक्र किया है. इससे पहले हरिवंश आज सुबह संसद के परिसर में गाँधी की मूर्ति के पास रातभर से धरना दे रहे निलंबित सांसदों के पास चाय लेकर पहुंचे थे. हरिवंश के इस कदम की प्रधानमंत्री मोदी ने प्रशंसा की है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा ‘जिन लोगों ने आप पैर हमला किया, आपका अपमान किया, आप उन्हीं लोगों के लिए चाय लेकर पहुंचे. ये दर्शाता है की आपका दिल कितना बड़ा है. ये कदम आपकी महानता को दर्शाता है.’
