राजस्थान के करौली में पुजारी को ज़िंदा जलाकर मारने का मामला गर्माता जा रहा है. पुजारी को इन्साफ दिलाने के लिया जहां धरने प्रदर्शन हो रहे है, वहीँ अब पुजारी के घर वालों ने उनकी सभी मांगे पूरी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है. इस मामले में सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जा चूका है
पुजारी बाबूलाल की मृत्यु के बाद उनकी परिवार में उनकी पत्नी के अलावा 6 बेटियां और एक बेटा है. पर अब उनके पास जीविका का कोई साधन नहीं बचा है. अब परिवार वाले सरकार से 50 लाख मुआवज़े और परिवार में से किसी एक को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग कर रहे है. वहीँ पुजारी की पत्नी ने दोषियों को फांसी पर चढ़ाने की मांग की है. जब तक यह मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है.
वहीँ प्रशासन परिजनों से शव का अंतिम संस्कार करने का लगागर अनुरोध कर रहा है.
दूसरी तरफ बीजेपी के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा इस घटना के विरोध में अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ गांव में धरने पर बैठ गए है. किरोड़ीलाल मीणा ने प्रदेश की बिगड़ती क़ानून वयस्था पर जमकर सवाल उठाये है.
वहीँ जयपुर और करौली का पुजारियों और ब्राह्मण समाज भी घटना के विरोध में सामने आ गया है. उन्होंने भी इस घटना की जमकर निंदा की है और जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की है.
इससे पहले राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस मुद्दे पर बात की थी. वहीँ सीएम अशोक गहलोत ने भी इस मामले में सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही का भरोसा जताया है. उन्होंने कहा है की दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
