पढ़ाई में बाधा बनी आर्थिक तंगी तो होनहार छात्रा ने दे दी अपनी जान, पढ़ें

तेलंगाना के शादनगर की रहने वाली और लेडी श्री राम कॉलेज में पढ़ रही एक 19 वर्षीय छात्रा ऐश्वर्या ने कथित तौर पर अपने घर में 2 नवंबर को आत्महत्या कर ली थी। ऐश्वर्या के पिता ने बताया, “वो पढ़ने में बहुत अच्छी थी। मैं कर्ज़ा लेकर उसे पढ़ा रहा था। मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी।”

बीजेपी के ‘वोट कटवा’ पर चिराग का पलटवार, बोले नितीश के दवाब में दिया बयान

लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बीजेपी के ‘वोट कटवा’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा की अगर हमारी पार्टी बिहार में इतनी ही ‘वोट कटवा’ है तो पिछले 6 सालों से उनकी पार्टी के साथ गठबंधन क्यों किया हुआ था.

यह अभिनेत्री अपनी बॉडी टाइप की वजह से हो गई थी डिप्रेशन का शिकार, आने लगे थे आत्महत्या के ख्याल

हम जिस अभिनेत्री की बात कर रहे हैं वह नाम है इलियाना डीक्रूज का, हाल ही में उन्होंने वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ मेन्टल हेल्थ में अपनी इस मनः स्थित्ति का खुलासा करते हुए कहा था कि वह अपने शरीर के बनावट को लेकर डिप्रेशन में चली गईं थी।

जब टीवी देखते-देखते 12 वीं मंजिल से कूद गया था संगीतकार

यह घटना मुम्बई की है। यहां बेंगलुरु के रहने वाले एक 29 वर्षीय संगीतकार जिसका नाम करण जोसेफ था ने अचानक दोस्तों के साथ टीवी देखते हुए 12 वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी।

क्या है आत्महत्या की परिभाषा?

आत्महत्या मन के भावों की वह प्रवृति है जब इंसान जीने की उम्मीदें छोड़ देता है। जब वह मान लेता है कि जिंदगी में कुछ हासिल नही हो सकता या मन टूट जाता है।

क्या आत्महत्या के मामलों में आर्थिक मदद देने पर रोक लगनी चाहिए?

वास्तविकता की बात करें तो आत्महत्या में भारत सबसे आगे है और यहां हर घंटे, हर मिनट का आंकड़ा विनाशकारी है। ऐसे में अगर आर्थिक लाभ देने की कोई नीति बन जाये तो भी अनुमानतः अलग से इसके लिए एक फंड बनाना पड़ेगा।

दिल्ली मेट्रो आत्महत्या के लिए भी हो गई है मशहूर

हाल के समय मे खास कर पिछले एक साल में कई ऐसे मामले आये जब प्यार से लेकर नौकरी, और घर से लेकर बाहर तक कि समस्याओं से घिरे लोगों के जान देने की घटनाएं सामने आई।

इन बच्चों में आत्महत्या का खतरा पांच गुना ज्यादा होता है

ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्विन्सलैंड में हुए एक शोध के मुताबिक 12 साल से कम उम्र के बच्चों में आत्मघाती कदम उठाने का विचार अन्य बच्चों की तुलना में पांच गुना ज्यादा होता है।

आत्महत्या के बाद कहाँ जाती है आत्मा?

वैदिक ग्रंथों में एक लाइन में इनका जवाब मिलता है। आत्मघाती मनुष्यों के बारे में कहा गया है कि-असूर्या नाम ते लोका अँधेन तमसावृता।तास्ते प्रेत्यभिगच्छन्ति ये के चात्महनो जनाः

नासिक जेल में कैदी ने किया आत्महत्या का प्रयास

इस कैदी का नाम सोमनाथ दगड़ू सेन्डे बताया जा रहा है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। माना जा रहा है कि लोकलज्जा और अपने किये पर पछतावे की वजह से उसने ऐसा कदम उठाया।

वो देश जहाँ सबसे ज्यादा महिलाएं करती हैं आत्महत्या

इस रिपोर्ट के अनुसार कैरेबियाई देश गुयाना में महिला आत्महत्या के मामले सबसे ज्यादा दर्ज किए गए। आंकड़ों के मुताबिक यहां प्रति एक लाख लोगों पर 44 लोग आत्महत्या कर रहे हैं।

अशिक्षा और जागरूकता की कमी से भयावह हो रहे आत्महत्या के आंकड़े, पढ़ लें यह क्रूर सच्चाई

आपको जान कर हैरानी होगी, हमें लिखते हुए हो रही है कि अलग-अलग गाँव ऐसे हैं जहां लोग आज भी अपने जनप्रतिनिधि को नही जानते, अपने सीएम को नही पहचानते, योजनाओं की जानकारी नही है, कानून का आता पता नही है।

जहां अशिक्षा है वहां आत्महत्या आम है लेकिन जहां शिक्षा है वहां भी हम बदनाम है?

अशिक्षा, गरीबी और जागरूकता आत्महत्या की वजह हैं लेकिन जो आत्महत्या के आंकड़े शहरों से तथाकथित पढ़े-लिखे वर्ग से आ रहे हैं वहां ऐसा क्यों है?

वह अभिनेता जो किसानों, नौजवानों से कहता है आत्महत्या का ख्याल आए तो मुझसे मिलें

कुछ उदाहरण की बात करें तो पुरानी खबरों से गुजरते हुए एक खबर नजर के सामने आई जिसमे नाना के बारे में लिखा गया था कि वह कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों का हौसला बढ़ाने एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट तक घूमे थे। वहीं किसान आत्महत्या पर काम करते हुए उन्होंने निजी रूप से सैकड़ों किसानों के लोन भरे या मदद मांग कर उनकी मदद की

आत्महत्या का आये ख्याल तो अपने आप से पूछें यह सवाल

सवाल यह है कि क्या जो जिंदगी भगवान ने हमे दी है उसे हम अपनी मर्जी से खत्म कर कुदरत के नियमों के विपरीत नही जा रहे? क्या हमें समस्याओं से लड़ना नही सीखना चाहिए? क्या मौत को मात देने के बदले यह ज्यादा आसान है?

आईएएस और आईपीएस बनने के ख्वाब में जान गंवा रहे युवा

इससे सब की साख जुड़ी होती है। यही वजह भी है कि हर विद्यार्थी के मन मे हर माँ-बाप के मन मे एक बार यह सवाल जरूर आता है कि उसे आईएएस बनना है या बनाना है।

पंखे से लटकी मिली थी इस खूबसूरत बंगाली अभिनेत्री की लाश

न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि क्षेत्रीय फ़िल्म इंडस्ट्री में भी आत्महत्या कर जान गंवा देने वाले अभिनेता और अभिनेत्रियों की एक लंबी फेहरिस्त है।

मानसिक रोगों को गंभीरता से नही लेते भारतीय-रिपोर्ट

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि कुल जनसंख्या की लगभग 13.7 फीसदी मानसिक समस्या से ग्रसित है जिनमे से 10.6 फीसदी लोगों को तत्काल दो डॉक्टरी देखभाल की जरूरत होती है।

जब भारतीय टीम के इस स्टार ने आत्महत्या करने की सोची

वह अपने कोच के पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक थी जिसकी वजह से कई अन्य साथी उनसे खार खाये बैठे रहते थे और मौका मिलते ही उन्हें सताने लगते थे।