तेलंगाना के शादनगर की रहने वाली और लेडी श्री राम कॉलेज में पढ़ रही एक 19 वर्षीय छात्रा ऐश्वर्या ने कथित तौर पर अपने घर में 2 नवंबर को आत्महत्या कर ली थी। ऐश्वर्या के पिता ने बताया, “वो पढ़ने में बहुत अच्छी थी। मैं कर्ज़ा लेकर उसे पढ़ा रहा था। मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को कई अहम फैसले किए। अब केंद्र सरकार की सरकारी नौकरियों के लिए एक ही परीक्षा होगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भर्ती के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) के गठन को मंजूरी दे दी है।
विद्यार्थी उम्मीदों का बोझ, पढ़ाई का बोझ उठाने में खुद को असमर्थ समझने लगते हैं और सफलता पाने की होड़ में पीछे छूट जाने के भय से, परिवार के डर से आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।
छात्रों की मांग है कि सरकार उन्हें लिखित में आश्वासन दे कि परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच होगी लेकिन अभी तक एसएससी या सरकार ने सिर्फ मौखिक आदेश दिया है।
शहर आने वाला या अपना राज्य और समाज छोड़ रोजगार ढूंढने वाला हर व्यक्ति महानगर में आकर अपने अरमान पूरे कर ले या उसे तुरंत नौकरी मिल जाये यह कहीं से जरूरी नही
सवाल यह है कि क्या जो जिंदगी भगवान ने हमे दी है उसे हम अपनी मर्जी से खत्म कर कुदरत के नियमों के विपरीत नही जा रहे? क्या हमें समस्याओं से लड़ना नही सीखना चाहिए? क्या मौत को मात देने के बदले यह ज्यादा आसान है?