धनबाद की 50 लड़कियों की लॉकडाउन के कारण गई नौकरियां, मदद को फिर सामने आये सोनू सूद

जबसे भारत में लॉकडाउन की शुरुआत हुई थी, तबसे सोनू सूद का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. कभी प्रवासी मज़दूरों की मदद को लेकर तो कभी दूसरे देशों में फसे भारतीयों को देश वापिस लाने को को लेकर. जब भी सोनू सूद से कोई मदद मांगता है तो वह फ़ौरन उन तक मदद पहुंचा देते है.

सोनू सूद एक बार फिर बने फरिश्ता, जानें अब कैसे और किसकी मदद की

सोनू सूद के नेक काम की गिनती रुकते नहीं दिख रही, एक तरफ जहां बॉलीवुड से लेकर राजनीति तक के सारे बड़े नाम सुशांत केस में बयानबाजी में लगे हुए है, वही दूसरी तरफ सोनू सूद लोगों का ‘मसीहा’ बन उनकी मदद कर रहे है।

मजदूरों के लिए मसीहा बने सोनू सूद ने खुद बताया कितने लोग रोज मांगते हैं उनसे मदद, देखें आंकड़ा

देश मे कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में जब लॉकडाउन की वजह से अफरातफरी का माहौल बना था, मजदूरी बंद हो गई, खाने के लाले पड़ गए और मजदूरों को जब अपने घर की याद आई और उन्हें सरकार से कोई उम्मीद नही दिखी तब एक इंसान मसीहा बन कर सामने आया और उसने असंख्य मजदूरों को अपने खर्चे पर उनके घर सही सलामत पहुंचाया