दिग्गज नेता भोला राय ने भी छोड़ी राजद, अब अपने तरकश से चलाएंगे जदयू के तीर

राष्ट्रीय जनता दल को आज एक और तगड़ा झटका लगा जब उसके दिग्गज नेता भोला राय ने नितीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड का हाथ थाम लिया. दो दिन में राजद के लिए ये दूसरा बड़ा झटका है. इससे पहले लालू के बेहद करीबी माने जाने वाले दिग्गज नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी कल पार्टी से इस्तीफा दे दिया था.

दिल्ली एम्स से रघुवंश प्रसाद सिंह ने रांची रिम्स में भेजा लालू को अपना इस्तीफा, तबियत भी बिगड़ी

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बिहार विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा झटका लगा है। पार्टी के सबसे बड़े स्वर्ण चेहरे और तीन दशक से भी ज्यादा लंबे वक्त तक लालू के सबसे विश्वासी सहयोगी रहे रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले भी उनके इस्तीफा देने की खबर थी लेकिन तब राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने इसे स्वीकार नही किया था।

पुष्पम प्रिया के बाद तेजस्वी ने रखा दुखती रग पर हांथ, देंगे रोजगार, नीतीश के लिए बनेंगे बड़ी चुनौती

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जाति से लेकर धर्म तक को साधने की तैयारी में लगे हुए हैं। कहीं रूठे नेताओं को अपने पाले में करने की होड़ है तो कहीं पुराने दल को छोड़ हवा का रुख भांपते हुए नए के संग जुड़ जाने की चाह है। इसी क्रम में जीतन राम मांझी सरीखे नेता जहां महागठबंधन छोड़ जदयू का दामन थाम चुके हैं वहीं श्याम रजक मंत्री पद और जदयू छोड़ राजद के दामन थाम चुके हैं। इस बीच जदयू में कई राजद विधायक शामिल हुए और अब शरद यादव के शामिल होने की अटकलें भी तेज है

बिहार में राजद-जदयू का खेल खराब कर सकते हैं यह दल, पढ़ें

बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच दल और इसके नेता अब एक्टिव नजर आने लगे हैं। यूँ तो यह माना जा रहा है कि सत्ता की मुख्य लड़ाई राजद की अगुवाई वाली महागठबंधन और नीतीश कुमार की अगुवाई वाली महागठबंधन के बीच ही होगी। हालांकि इससे इनकार नही किया जा सकता कि कई छोटे दलों की मौजूदगी इस खेल को खराब करने का माद्दा रखती है।

लालू से मुलाकात करनी अब होगी मुश्किल, जानें क्यों?

झारखंड राजधानी रांची में अपनी सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव से अब नेताओं की होने वाली मुलाकात मुश्किल भरी हो सकती है। पहले की तरह अब जाकर उनसे मिल लेना शायद संभव न हो पाए। ऐसा हुआ है प्रशासन के उस आदेश से जिसमे कहा गया है कि अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों को अनिवार्य तौर पर 14 दिन की क्वारंटाइन अवधि पूरी करनी होगी। हालांकि इसमें यह जोड़ा गया है कि अगर प्रशासन से संपर्क नही किया गया तो क्वारंटाइन किया जाएगा।

आखिर क्यों लालू ने तेजप्रताप को किया रांची तलब?

लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को रांची बुलाया है। माना जा रहा है कि लालू उनके रघुवंश प्रसाद सिंह पर दिए बयान को लेकर खफा हैं। इसके अलावा एक चर्चा यह भी है कि तेजप्रताप के ससुर और लालू के समधी चंद्रिका राय की जदयू में एंट्री और उनकी बेटी ऐश्वर्या के तेजप्रताप के खिलाफ चुनाव लड़ने की खबरों ने भी राजद और लालू परिवार के लिए मुसीबत बढ़ा दी है। खबरों में यह भी कहा गया है कि तेजप्रताप इस बार महुआ विधानसभा की जगह हसनपुर से चुनाव लड़ सकते हैं और इसी बात पर मुहर लगवाने वह पिता लालू प्रसाद यादव से मिलने पहुंचेंगे। कल उनकी मुलाकात लालू प्रसाद यादव से हो सकती है

लालू की अनुपस्थिति में राजद का कैसे लगे बेड़ा पार, रूठने लगे पुराने यार

बिहार में चुनावी सुगबुगाहट के बीच राजनीतिक उथल-पुथल तेज हो गई है। पाला बदलने के साथ तीखी बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी पूरे उफान पर है। जहां नेता अपनी सीट और राजनीतिक भविष्य की चिंता करते हुए पाला बदलने में लगे हैं वहीं दल भी इस भागमभाग से अनजान नही हैं और डैमेज कंट्रोल के लिए प्लान बी की रणनीति के साथ भी तैयार हैं। पाला बदलने का खेल जदयू नेता और नीतीश सरकार में मंत्री रहे श्याम रजक से शुरू हुआ, वह जदयू छोड़ राजद में शामिल हुए। इसके बाद लालू के समधी चंद्रिका राय राजद छोड़ जदयू में शामिल हो गए।

ससुर के बाद रघुवंश प्रसाद सिंह की ‘हैसियत’ बताते नजर आए तेज प्रताप, पढ़ें

लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपने बयानों की वजह से अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। अभी कुछ दिनों पहले जब उनसे उनके ससुर चंद्रिका राय के जदयू में शामिल होने को लेकर मीडिया ने सवाल किया तो इन्होंने इसके जवाब में बेबाक बोलते हुए कहा कि उनकी कोई हैसियत नही है। जदयू को इसका कोई फायदा नही होगा।

कोरोना के चलते फीका रहेगा बिहार का ‘चुनावी दंगल’, चुनाव आयोग ने जारी की गाइडलाइन्स

गाइडलाइन्स के मुताबिक उमीदवार को सिक्योरिटी मनी और नामांकन पत्र ऑनलाइन ही भरना होगा. मतलब की इस बार नामांकन भरने के लिए उम्मीदवार रथ यात्राएं नहीं कर सकेंगे.

जारी है बिहार चुनावों से पहले दल बदलने का सिलसिला, अब लालू के समधी आए नीतीश के पाले

बिहार विधानसभा चुनाव की बढ़ती सरगर्मियों और तैयारियों के बीच पाला बदलने का खेल बदस्तूर जारी है। बड़े नामों की बात करें तक नीतीश सरकार में उद्योग मंत्री और जदयू के बड़े दलित नेता माने जाने वाले श्याम रजक ने नीतीश का साथ छोड़ राजद के दामन थाम लिया था। उसके बाद से लगातार इस दल से उस दल में नेताओं के आने जाने का सिलसिला अनवरत जारी है।

नीतीश के मंत्री को तेजस्वी का सहारा, जदयू से निकाले गए तो आरजेडी में हुए शामिल

जदयू के बड़े दलित नेता श्याम रजक पार्टी से निष्काषित किए जाने के बाद अब आरजेडी में शामिल हो गए हैं।

चुनाव से पहले जदयू में बड़ा पॉलिटिकल ड्रामा, मंत्री के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच पार्टी ने किया निष्काषित

श्याम रजक आरजेडी में घर वापसी करेंगे। 2009 में उन्होंने आरजेडी छोड़ जदयू के दामन थाम लिया था।

क्या एनडीए में नही है एकमत? यह बड़ा नेता है नीतीश के खिलाफ

पहले सीएम के चुनाव कराने के फैसले और अब खुद सीएम की खिलाफत कर रामविलास ने मोर्चा खोल यह स्पष्ट कर दिया है कि एनडीए में सब वेल एंड गुड नही है।

मुश्किल है नीतीश, तेजस्वी की डगर, पुष्पम प्रिया चौधरी बनेंगी बड़ा रोड़ा

वह जिले वॉर दौरे और वहां रोजगार की संभावना, कृषि क्षेत्र के विकास के लिए संभावना, इंडस्ट्री डेवलपमेंट की संभावना शेयर कर रही हैं।

बिहार में कोरोना के बाद बाढ़ से हाहाकार, लाखों प्रभावित, सीएम ने लिया जायज़ा

बाढ़ से बिहार के 38 में से 16 जिले बुरी तरह प्रभावित हैं। लाखों की आबादी अपना सब कुछ गंवा कर जान बचाने की जद्दोजहद कर रही है।

राजनीति में कब तक दोहराए जाएंगे पुराने राग, मुद्दे क्यों हैं गौण ?

राजनीति में बदलाव लाने के नाम पर आई आम आदमी पार्टी भी उसी दलगत,जातिगत राजनीति का हिस्सा बन गई है। भ्रष्टाचार और लंबे चौड़े वादे कर कांग्रेस को बेदखल करने वाली बीजेपी भी उसी राह चल चुकी है। कांग्रेस के पास न चेहरा है न देश के पास विकल्प जो इसकी भरपाई कर सके।

सड़क से सोशल मीडिया तक मचा राजनीतिक बवाल, क्या अब लद रहा दलित राजनीति का वक़्त ?

इस राजनीति की धुरी में कोई एक दल फिलहाल नही है लेकिन इतना तय है कि अगर राजनीति में विरोध का नया स्वर बुलंद हुआ तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान वर्तमान में बीजेपी को होगा। इसके पीछे वजह खास है, वह वजह है कि विरोध बीजेपी का वोट बैंक माने जाने वाले स्वर्ण समाज की तरफ से है।