पहले दो चरणों में जहां नौकरी, भ्रष्टाचार, पलायन, कोरोना महामारी, बेरोज़गारी जैसे मुद्दे हावी रहे वहीँ तीसरे चरण में इसके उलट CAA-NRC, घुसपैठ और बूचड़खाना जैसे मुद्दों ने जगह लेली. सभी पार्टियों के दिग्गज नेता ज्यादा से ज्यादा रैलियां करते नज़र आये.
मुन्नवर राणा ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में फ्रांस हमलों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर मैं होता तो मैं भी ऐसा ही करता। उन्होंने फ्रांस पर विवाद को जन्म देकर लोगों को उकसाने का आरोप भी लगाया।
जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो और बिहार के बाहुबली नेता पप्पू यादव ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री के चेहरे और लालू के बेटे तेजस्वी यादव पर ज़ोरदार हमला किया है.
दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि उसने अपने कबूलनामे में यह स्वीकार किया है कि जब वह 2017 में पार्षद बना तब से ही उसके मन मे यह था कि अब वह राजनीति और पैसे के भडास हिंदुओं को सबक सिखा सकता है। इस कबूलनामे में ताहिर ने यह भी माना है कि उसका साथ खालिद सैफी और पीएफआई ने दिया था।
जितना भारतीयों का सम्मान पूरी दुनिया मे है उतना ही बिहारी लोगों का भारत के अन्य राज्यों में, मसलन गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक इत्यादि में है।
केंद्र सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर करने की तैयारी में है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मानें तो रोहिंग्या मुसलमान कई जगह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं।
2014 के चुनावों में एक मुद्दा खूब छाया हुआ था। यह मुद्दा था देश के कई राज्यों में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों को बाहर निकालने का। पीएम मोदी ने इसे अपने चुनावी रैलियों में भी खूब उछाला था। अब इसे अमलीजामा पहनाया जा चुका है।