राजनीति

सोशल मीडिया पर मिल रही सलाह, किसे और क्यों दल बनायें उम्मीदवार

राजनीति में इति या अंत नाम कि शब्दावली का कोई प्रयोग नहीं है। हिंदी से लेकर ऑक्सफ़ोर्ड तक कि डिक्शनरी आप पलट लीजिए लेकिन उसमें कोई ऐसा शब्द नही जो भारतीय लोकतंत्र को समझा सके। ऐसा इसलिए नही कि डिक्शनरी लिखने वालों की जानकारी कम है बल्कि ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां लोकतंत्र का मतलब […]

राजनीति विशेष

बीजेपी में जाति,धर्म और गठबंधन से टूटी टिकट की आस, जनता के लिए भी क्या यही होंगे खास?

लोकसभा चुनावों की रणभेरी बज चुकी है। आज की व्यवस्था में बदलाव होगा या यही व्यवस्था पांच साल और चलेगी यह तो आने वाले चुनाव परिणाम बताएंगे। हालांकि इन सब के बीच जिस तरह जाति, धर्म और दल देखकर वोट देने की परंपरा का निर्वाहन करने की तैयारी दिख रही है उससे तो यही स्पष्ट […]

राजनीति

चुनावों से पहले जान लें क्या है आचार संहिता और क्या हैं इसके मायने ?

चुनाव आचार संहिता (आदर्श आचार संहिता/आचार संहिता) का मतलब है चुनाव आयोग के वे निर्देश जिनका पालन चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवार को करना होता है। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकता है, उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता […]

राजनीति

मुलायम ने ऐसे ही नही दिया मोदी को आशीर्वाद, पढ़ें तीन वजहें

मुलायम सिंह यादव आज अपने ही दल में बेगाने से हो गए हैं. भाई शिवपाल अलग राह पर चल रहे हैं वहीँ सपा की कमान अखिलेश के हाथ में है.

व्यापार

निम्न और मध्यम आय वर्ग की व्यय क्षमता बढ़ाने वाला बजट,पढ़ें

वर्ष 2019 के केंद्रीय बजट ने निम्न और माध्यम आय वर्ग की व्यय क्षमता को बढ़ाया है | 5 लाख तक की आय (कर बचत के साथ 6.5 लाख) पर आयकर को शून्य कर दिया गया है |

राजनीति

बीजेपी ने लोकसभा के लिए खेला सबसे बड़ा दांव, कांग्रेस में हड़कंप

2019 लोकसभा की बात करें तो कांग्रेस अलग थलग है लेकिन दम्भ भर रही है, वहीं क्षेत्रीय दल भी सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने का ख्वाब बुन रहे हैं।

राजनीति

10 फीसदी आरक्षण के फैसले के बाद मोदी सरकार ले सकती है कुछ और बड़े फैसले, जानें

आरक्षण पर जारी बहस और एससी-एसटी एक्ट में संशोधन कर सवालों में घिरी मोदी सरकार ने चुनावों से ठीक पहले एक मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। राजनीतिक गलियारों सहित मीडिया और सोशल मीडिया पर इस फैसले की चर्चा ठीक उसी तर्ज पर हो रही है जैसे नोटबन्दी के समय हुई थी। यह फैसला है आर्थिक रूप […]