संसद में विपक्ष के रवैये से दुखी हुए दोनो सदनों के सभापति, जानें क्या कहा

लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलने वाला था किंतु तय अवधि से दो दिन पहले ही सदन की कार्यवाही अध्यक्ष द्वारा अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दी गई।

बिहार चुनावों के बीच अब तक 65 करोड़ से ज्यादा नगदी बरामद,2019 और 2015 चुनावों का टूटा रिकॉर्ड

उप चुनाव आयुक्त चंद्र भूषण कुमार ने अब तक नगदी बरामद होने की जानकारी आज मीडिया से साझा करते हुए कहा,’बिहार में अब तक 65.22 करोड़ रुपए बरामद किए गए हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में 16.68 करोड़ और 2015 के विधानसभा चुनाव में 23.81 करोड़ बरामद किए गए थे।’

बीजेपी में शामिल हुईं श्रेयसी सिंह, इस सीट से हो सकती हैं उम्मीदवार, एलान कल

श्रेयसी सिंह ने आज दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। उन्हें भूपेंद्र यादव ने बीजेपी की सदस्यता दिलाई। इसके बाद वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात करने पहुंची। माना जा रहा है कि वह बाँका या अमरपुर विधानसभा से बीजेपी की प्रत्याशी हो सकती हैं।

मुलायम ने ऐसे ही नही दिया मोदी को आशीर्वाद, पढ़ें तीन वजहें

मुलायम सिंह यादव आज अपने ही दल में बेगाने से हो गए हैं. भाई शिवपाल अलग राह पर चल रहे हैं वहीँ सपा की कमान अखिलेश के हाथ में है.

निम्न और मध्यम आय वर्ग की व्यय क्षमता बढ़ाने वाला बजट,पढ़ें

वर्ष 2019 के केंद्रीय बजट ने निम्न और माध्यम आय वर्ग की व्यय क्षमता को बढ़ाया है | 5 लाख तक की आय (कर बचत के साथ 6.5 लाख) पर आयकर को शून्य कर दिया गया है |

बीजेपी ने लोकसभा के लिए खेला सबसे बड़ा दांव, कांग्रेस में हड़कंप

2019 लोकसभा की बात करें तो कांग्रेस अलग थलग है लेकिन दम्भ भर रही है, वहीं क्षेत्रीय दल भी सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने का ख्वाब बुन रहे हैं।

अजब राजनीति की गजब कहानी, कांग्रेस की यह अकड़ है पुरानी

परिवारवाद का आरोप लगता आया है। घोटाले के आरोप लगे। आपातकाल कांग्रेस के ही शासनकाल में लगा, सिख विरोधी दंगे हुए। इंदिरा और राजीव ने अपनी जान गंवाई। इसके बावजूद आज अगर यह पार्टी खड़ी है और सिमटती नजर आने के बावजूद बीजेपी को टक्कर देने का दम्भ भरती नजर आ रही है तो यकीन मानिए कुछ तो खास इसमे जरूर है।

अकेले मोदी कहाँ-कहाँ से लड़ेंगे चुनाव?

पीएम मोदी 2019 के लोकसभा चुनाव कहाँ से लड़ेंगे? इस सवाल का जवाब न तो अभी बीजेपी की तरफ से आधिकारिक रूप से दिया जा रहा है न कभी पीएम ने इस बात की कहीं कोई चर्चा की है कि वह बनारस से ही लड़ेंगे या अपना चुनावी क्षेत्र बदलेंगे। ऐसे में अनुमान और आकलन ही किया जा सकता है।

मोदी ने बताए कांग्रेस के काले कारनामे और कई बड़े राज़, पढ़ें

राजनीति के गलियारों में यह चर्चा जरूर थी कि अगर मोदी बोलेंगे तो महफ़िल उन्ही के नाम होगी। हुआ भी यही। मोदी शुरू हुए तो विपक्ष को न जवाब सुझा न काट बस तेलगू देशम पार्टी के नेताओं ने मोर्चा संभाला लेकिन उसका भी काट मोदी लेकर आये थे।

अंतिम मानसून सत्र में मुसीबत में सरकार, विपक्ष बेकरार, क्या कुछ होगा खास?

हंगामे और अविश्वास प्रस्ताव लाने की गहमागहमी के बीच शुरू हुए इस सत्र में क्या नतीजा निकलेगा और अपने अंतिम मॉनसून सत्र में सरकार क्या कुछ उपलब्धि हासिल कर पायेगी यह तो आने वाले कुछ दिनों में ही साफ हो पायेगा। बस जनता को सरकार और विपक्ष से सदन के सुचारू रूप से चलने देने की उम्मीद है।

राहुल के सामने बतौर अध्यक्ष हैं यह बड़ी चुनौतियां, इनसे पार पा गए तो मोदी पर पड़ेंगे भारी

राहुल के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस की छवि के साथ अपनी छवि को सुधारना है। कार्यशैली में बदलाव लाना है क्योंकि कांग्रेस आज भी नेहरू इंदिरा वाली कांग्रेस है इसमें कुछ भी नयापन नजर नही आता।

क्या तय समय से पहले हो सकते हैं लोकसभा चुनाव, जानें क्या है सच

खबरों के मुताबिक अप्रैल में एलान हो सकते हैं। जी नही ऐसा अब इस माहौल में नही होगा जब कि बीजेपी अपने सहयोगियों और विपक्ष से घिरी हुई है। पहले ऐसा एलान इसलिए संभव था क्योंकि मोदी लहर फीकी पड़ने से पहले मोदी और बीजेपी यह मौका भुना लेना चाहते थे।