हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में एक बार फिर भूस्खलन की घटना ने कोहराम मचा दिया है। बुधवार को हुए भयानक भूस्खलन में डिप्टी कमिश्नर सादिक हुसैन के अनुसार 50-60 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
डॉ दीपा के निधन के बाद से सोशल मीडिया पर उनका आखिरी पोस्ट वायरल हो रहा है,वहीं लोग इस घटना पर शोक जताते नजर आ रहे हैं। दीपा राजस्थान के जयपुर की थीं और किन्नौर छुट्टियां बिताने आई थीं। उन्होंने दिल दहला देने वाले हादसे से कुछ देर पहले ही अपनी तस्वीर ट्वीट की थी।
इस बदलाव की वजह से यहां के किसानों ने इस इलाके की ठंडी रेगिस्तानी परिस्थितियों में व्यापक पैमाने पर बंजर पड़ी जमीन का सदुपयोग करने के उद्देश्य से अब असाफोटिडा (हींग) की खेती को अपनाया है। सीएसआईआर– आईएचबीटी इसके लिए हींग के बीज लाए और इसकी कृषि-तकनीक विकसित की।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के‘ई- संजीवनी’ ओपीडी प्लेटफार्म ने 4 लाख टेली-परामर्श का मील का पत्थर प्राप्त कर लिया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले शीर्ष राज्यों में शामिल तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश ने क्रमशः 1,33167 और 1,00124 सत्रों में लॉग-इन किया।
जिस तरह चीन लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश पर अपना नाजायज़ हक़ जताता रहा है उसी तरह अब नेपाल भी उसकी दोस्ती में अँधा होकर उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल समेत हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार और सिक्किम के कई शहरों पर अपना दावा ठोक रहा है.