भले ही फ़िल्म शुरू होने से पहले यह लिखा जाता हैं कि इस फ़िल्म के सारे पात्र और घटनाएं काल्पनिक हैं इसके बावजूद लोग इसे सच मानते हैं या यकीन कर लेते हैं।
जब उनके माता पिता का निधन हुआ तब वह बिल्कुल अकेली पड़ गईं, जीवन की राह कठिन लगने लगी और अकेलापन हावी होने लगा ऐसे में वह डिप्रेशन में चली गईं और आत्महत्या के ख्याल आने लग गए।