राहुल के पांडव-कौरव बयान पर बीजेपी का पलटवार,कहा- राम पर काँग्रेस ने उठाये सवाल

बीजेपी का कहने का तात्पर्य यह है कि जो पार्टी रामायण के औचित्य पर सवाल उठा रही है क्या वह महाभारत को स्वीकार करती है?

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राहुल गांधी ने बतौर अध्यक्ष कांग्रेस के अधिवेशन के समापन सत्र को संबोधित किया इस दौरान वह लगातार मोदी सरकार और बीजेपी के साथ आरएसएस पर हमलावर रहे और जमकर शब्दबाण चलाये।

क्षेत्रीय दलों से भी दूर हो रहे राहुल, कैसे देंगे मोदी को टक्कर?

राहुल ने एक और महत्वपूर्ण बात कही कि अगर मोदी सरकार को हटाने और बीजेपी को हराने के लिए गठबंधन भी करना पड़े तो भी वह पीछे नही हटेंगे।

2019 से पहले एक दांव जरूर चलेंगे मोदी-शाह

मोदी सरकार आज कई मोर्चों पर घिरी है। विपक्ष हमलावर है, नौजवान और किसान सड़क पर उतर प्रदर्शन करने में लगे हैं, सीमा पार से आतंकवाद और सीमा के अंदर नक्सलवाद के मुद्दे भी सरकार के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

कभी विपक्ष की धुरी रही कांग्रेस अलग-थलग पड़ रही है, पढ़ें कैसे

क्षेत्रीय दलों के मन मे यह डर भी है कि कांग्रेस की स्वीकार्यता अभी भी 2014 जैसी ही है अजर मुमकिन है कि लोगों का समर्थन मोदी विरोध का बावजूद उसे न मिले।

क्या हुआ तेरा वादा, यह मोदी से क्यों नही पूछता विपक्ष?

भारत के लोकतंत्र में जिस तरह 2014 में मोदी सरकार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई और विपक्ष सिमटता चला गया वैसे में न सिर्फ सरकार निरंकुश हुई बल्कि विपक्ष भी कमजोर ही हुआ।

2019 में बदलाव की तालाश, कांग्रेस बनेगी विकल्प

किसानों और युवाओं की उपेक्षा पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि आज के समय मे नौजवान और किसान दोनों ही परेशान हैं और यही 2019 में बदलाव लाने की क्षमता भी रखते हैं।

जब इस नेता ने कहा सोनिया राहुल को छोड़ कोशिश करूंगा सबको बीजेपी में ले आऊं

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि मैंने अपनी जिंदगी के 23 साल कांग्रेस में रहते हुए व्यर्थ गंवा दिए। आज जब मैं उस दौर को याद करता हूँ तो मुझे अफसोस होता है।

तो क्या रोजगार के आंकड़ों को लेकर झूठ बोल रहे राहुल?

चार साल के अंदर 11 करोड़ लोग स्वरोजगार से जुड़े हैं। क्या यह आंकड़ा उन्हें नही पता? मोदी सरकार ने मुद्रा योजना के तहत यह स्वरोजगार पैदा किये हैं

मोदी- शाह के निशाने पर अब कांग्रेस और राहुल नही यह हैं

तीसरे मोर्चे की कवायद में कांग्रेस पूरी तरह तटस्थ है, उसका जनाधार भी खिसकता नजर आया है ऐसे में बीजेपी भी यह मान कर चल रही है कि कांग्रेस से ज्यादा खतरा के क्षेत्रीय गठबंधन और तीसरे मोर्चे से है।

क्या आतंक, पाक और परमाणु से रथ और यज्ञ भरोसे जीतेगी बीजेपी, यह कैसा डिजिटल इंडिया

डिजिटल इंडिया की बात करने वाली सरकार ऐसे यज्ञ के आयोजन की अगुवा बनेगी तो सवाल उठने लाजमी भी हैं. क्या सरकार ऐसे जवाब देगी? कैसे कड़ी कारवाई होगी? क्या सरकार के पास अब कोई मुद्दा और कारवाई का दमखम नहीं है?