सुरक्षा एजेंसी ब्लास्ट के लिए ड्रोन का
इस्तेमाल किए जाने पर भी तलाश कर रही है। वायु सेना के स्टेशन से बॉर्डर करीब 14 किलोमीटर दूर है
और इससे पहले भी करीब 12 किलोमीटर तक के भारतीय क्षेत्र में हथियार पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा चुका है।
