राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एक दूसरे से मिले तो किसी को भी यह अंदाजा नही था कि इतना बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
केरल बीजेपी के इकाई प्रमुख रह चुके कुम्मनम राजशेखरन को मिजोरम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह शपथ लेकर अपना कार्यभार भी संभाल चुके हैं लेकिन उनकी नियुक्ति का विरोध कई स्थानीय राजनीतिक और अन्य संगठन कर रहे हैं।
आज उम्र के इस पड़ाव में जेल में जीवन बिताने को बाध्य कर दिया। इसके बावजूद न लालू झुके, न बदला उनका तेवर और अंदाज़। इसलिए तो कहते हैं कि लालू बदनाम तो हुए लेकिन नाम भी खूब हुआ।
कांग्रेस को कोई भी क्षेत्रीय दल तवज्जो देता नही दिख रहा और बीजेपी किसी अन्य दल को अपने सामने तवज्जो दे उनका ग्राफ बढ़ाना नही चाहती है। यही वजह है कि हर जायज-नाजायज मांग मानने के बदले बीजेपी ने डिफेंड करना ही सही समझा है।
प्रशांत किशोर ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने बीजेपी के प्रचार की कमान संभाल रखी थी और ब्रांड मोदी की सुनामी पूरे देश मे खड़ी कर दी थी। अब प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चा में हैं। चर्चा में होने की वजह कुछ दिनों पहले पीएम से हुई उनकी मुलाकात है।
कांग्रेस के प्लेनरी सेशन में पार्टी अधिकारियों और शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में एक ऐसे प्रस्ताव पर मुहर लग गई जिसमें राहुल गांधी को यह अधिकार होगा कि वह अपनी नई टीम खुद चुनें।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि मैंने अपनी जिंदगी के 23 साल कांग्रेस में रहते हुए व्यर्थ गंवा दिए। आज जब मैं उस दौर को याद करता हूँ तो मुझे अफसोस होता है।
राहुल ने जीएसटी का विरोध करते हुए इसे गब्बर सिंह टैक्स कहा। ऐसा कहने के पीछे उनका तर्क यह था कि इस टैक्स के लगने के बाद से इसका असर लाखों लोगों के वयापार पर पड़ा है और इसके प्रतिकूल असर देखने को मिले हैं।
उस देश की महानता पर जहां हज़ारों, करोड़ों लेकर देश से भाग जाने वाले लोग सुरक्षित हैं और महज कुछ हजार का कर्ज लेने वाला किसान कर्ज न लौटाने की स्थिति में ट्रेक्टर से कुचल कर मार दिया जाता है या भ्रष्ट सरकारी कार्यप्रणाली से तंग आकर आत्महत्या कर लेता है?