फिर फ्लॉप होगा विपक्षी गठबंधन, पढ़ें दो सबसे बड़े कारण

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नही, इसके अलावा अखिलेश,ममता, मायावती, मुलायम जैसे नेता भी नेतृत्व के दावेदार हैं ऐसे में एक नाम पर सहमति बनाना बड़ी चुनौती है।

न खाद, न पानी कैसे चले जिंदगानी

कृषि के लिए पानी की समुचित व्यवस्था आज भी नही है। सरकार ट्यूबवेल लगवाने या पम्प सेट खरीदने के नाम पर सब्सिडी देने की बात करती है, देती भी है लेकिन किसे यह नही पता क्योंकि जिन्हें यह मिलता है वह इसके वाजिब हकदार होते ही नही!

विरोधियों को छोड़िये अब सहयोगी भी नही दे रहे बीजेपी-कांग्रेस को भाव

कांग्रेस को कोई भी क्षेत्रीय दल तवज्जो देता नही दिख रहा और बीजेपी किसी अन्य दल को अपने सामने तवज्जो दे उनका ग्राफ बढ़ाना नही चाहती है। यही वजह है कि हर जायज-नाजायज मांग मानने के बदले बीजेपी ने डिफेंड करना ही सही समझा है।

राहुल के पांडव-कौरव बयान पर बीजेपी का पलटवार,कहा- राम पर काँग्रेस ने उठाये सवाल

बीजेपी का कहने का तात्पर्य यह है कि जो पार्टी रामायण के औचित्य पर सवाल उठा रही है क्या वह महाभारत को स्वीकार करती है?

क्या एक बार फिर यूपी में हारेगी बीजेपी?

असली पेंच फंसेगा 9 वीं सीट पर। यहां बीजेपी को समर्थन की जरूरत होगी और ऐसे में राज्य सरकार पर हमलावर मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर बड़ा रोल निभाएंगे।

बिहार में कांग्रेस का क्या होगा?

कांग्रेस न सिर्फ बिहार में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है बल्कि वहां राजद के पीछे पीछे चलती दिख रही है। पार्टी नेतृत्व के अभाव और आपसी कलह से भी दो चार हो रही है।