मरीन बीच और राजाजी हॉल का तमिलनाडु में खास स्थान, जानें क्यों अड़े हैं डीएमके कार्यकर्ता ?

राजाजी हॉल वह जगह है जो तमिलनाडु के कई दिग्गज नेताओं के अंतिम यात्रा का पहला पड़ाव रहा। राजनीतिक रूप से यह एक अहम स्थान है। आपको बता दें कि जयललिता के निधन के बाद अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को भी इसी राजाजी हॉल में रखा गया था। जयललिता से पहले एआईडीएमके के मुखिया और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे एमजीआर के शव को भी इसी राजाजी हॉल में आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया था।

तमिलनाडु से कभी केंद्र चलाते थे करुणानिधि, निधन के बाद कौन होगा उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी?

उनकी राजनीतिक विरासत किसके हाथ जाएगी? बेटे स्टालिन या बेटी कनिमोझी? स्टालिन बेशक करुणानिधि के रहते राजनीतिक अगुवा रहे लेकिन कनिमोझी केंद्र की राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनपर 2जी घोटाले का आरोप भी लगा।

हिन्दू रीति रिवाज से नही इस विधि से होगा करुणानिधि का अंतिम संस्कार, आइये जानें क्यों ?

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक करुणानिधि का अंतिम संस्कार हिन्दू या ब्राह्मण रीति रिवाजों के अनुसार नही होगा। उन्हें दफनाया जाएगा।

एकजुट विपक्ष के लिए ममता-सोनिया का मोदी के खिलाफ यह आखिरी दांव,पढ़ें

यह दांव है बिना पीएम उम्मीदवार या चेहरे के चुनाव लड़ना। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो हाल ही में दिल्ली पहुंची ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद यह सामने आया है कि विपक्ष चुनाव बिना किसी चेहरे पर लड़ेगा।

30 साल में 7 वीं बार हो रही विपक्षी एकता की बात, इस बार आवाज़ दक्षिण से आई है

इस बार यह मुद्दा उठाया है दक्षिण के तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने और तो और कुछ दलों ने उनके बयान के बाद आश्वासन और स्वीकृति तक दे दी है।

क्या तय समय से पहले हो सकते हैं लोकसभा चुनाव, जानें क्या है सच

खबरों के मुताबिक अप्रैल में एलान हो सकते हैं। जी नही ऐसा अब इस माहौल में नही होगा जब कि बीजेपी अपने सहयोगियों और विपक्ष से घिरी हुई है। पहले ऐसा एलान इसलिए संभव था क्योंकि मोदी लहर फीकी पड़ने से पहले मोदी और बीजेपी यह मौका भुना लेना चाहते थे।