राहुल का राजनीतिक भविष्य

2018 में तीन राज्यों में कांग्रेस को बेशक जीत मिली हो और अध्यक्ष के तौर पर राहुल श्रेय ले भी रहे हैं लेकिन इसके बावजूद यहां समझने की जरूरत है कि यह नतीजे कांग्रेस की जीत के नही हैं

भारत में मोदी से हारी कांग्रेस तो लंदन में रची ईवीएम हैक की साजिश, पढ़ें

कांग्रेस का कमिटी बनाना और उसके दो दिन के अंदर यह बयान आना, कपिल सिब्बल का इस पिसी में मौजूद होना। यह बड़ी साजिश नजर आती है।

2019 का मुद्दा एनआरसी नही इनमें से कोई एक होगा, तैयार है बीजेपी का मास्टरपालन

जनभावना से जुड़े मुद्दों की बात करें तो राम मंदिर और कश्मीर में धारा 370 और 35-अ से संबंधित मामले कोर्ट में लंबित हैं।

असम में एनआरसी पर बवाल के बीच अब इस समुदाय को देश से बाहर करने की तैयारी में सरकार, पढ़ें

केंद्र सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर करने की तैयारी में है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मानें तो रोहिंग्या मुसलमान कई जगह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं।

2019 की तैयारी में लगे राहुल और विपक्ष के लिए इस अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट से बुरी खबर नही हो सकती, पढ़ें

प्रतिष्ठित संस्था ब्लूमबर्ग की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 के चुनावों में मोदी आसानी से जीत हासिल करेंगे। इसके अलावा 2024 में भी उनकी वापसी की प्रबल संभावना है।

डिजिटल इंडिया में फेक न्यूज़ की चिंता, रोके न रुक रहा यह दौर, पढ़ें कुछ उपाय

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क्या मोदी के खिलाफ राहुल से बढ़िया विकल्प बन सकती थी प्रियंका?

कांग्रेस के कार्यकर्ता भी कई बार खुल कर तो कभी दबे जुबान से यह मान चुके हैं कि राहुल से अच्छी राजनीतिक समझ प्रियंका की है।

सोनिया की सक्रियता बीजेपी की राह मुश्किल करेगी

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शामिल होना और मोदी सरकार पर जमकर हमला बोलना उसके बाद विपक्षी नेताओं के लिए डिनर का आयोजन और अब कांग्रेस के अधिवेशन में मोदी सरकार पर सोनिया का जोरदार हमला यही बता रहा है कि भले ही राहुल अब कांग्रेस का चेहरा हैं लेकिन सोनिया ही अब भी कर्ता धर्ता की भूमिका में हैं।