बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर अलग अलग दलों के नेता एक दूसरे पर लगातार हमलावर हैं। कहीं व्यक्तिगत बातों को मुद्दा बनाया जा रहा तो किसी के द्वारा परिवार पर सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं।
बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के नामांकन और प्रचार का दौर तेज हो चुका है। दूसरे चरण के लिए उम्मीदवार जहां अपना नामांकन दाखिल कर रहे हैं वहीं पहले चरण में नामांकन दाखिल कर चुके उम्मीदवार अब चुनाव प्रचार में व्यस्त हो चुके हैं।
राजनीति में हर दल और नेता यही चाहता है कि किसी भी कीमत पर उसे ऐसी सीट मिले जहाँ से वह चुनाव जीत सके और जनता उसे स्वीकार कर सके। खास कर जब छवि को पहले से ठीक साबित करने की चुनौती और बड़बोलेपन से निपटने की चुनौती सामने हो तो यह और अहम हो जाता है।