जन सुराज पार्टी के संस्थापक और मशहूर चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब बिहार विधानसभा चुनाव में मैदान नहीं उतरेंगे। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए किशोर ने साफ कहा — “मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा, पूरा ध्यान संगठन पर रहेगा।”
बीती रात ही जन सुराज ने राघोपुर सीट से चंचल सिंह को उम्मीदवार बनाकर संकेत दे दिया था कि किशोर खुद मैदान में नहीं उतरेंगे। पहले ऐसी चर्चा थी कि वे अपने गृह क्षेत्र काराकट या फिर आरजेडी के गढ़ राघोपुर से चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन पार्टी ने काराकट से रितेश रंजन और राघोपुर से चंचल सिंह को टिकट देकर तस्वीर साफ कर दी।
किशोर का मानना है कि चुनाव लड़ने से वे एक ही क्षेत्र में सीमित हो जाते, जबकि बतौर चेहरा उन्हें पूरे प्रदेश में अभियान का नेतृत्व करना है। उन्होंने कहा — “जन सुराज ने फैसला किया है कि मुझे संगठन पर ध्यान देना चाहिए। 150 से कम सीटें मिलीं तो हम हार मानेंगे।”
इतना ही नहीं, किशोर ने खुला दावा किया — “NDA की हार पक्की है। नीतीश कुमार की जेडीयू 25 सीटें भी पार नहीं कर पाएगी। NDA की सत्ता में वापसी असंभव है।”
उन्होंने INDIA गठबंधन पर भी सवाल उठाए और कहा कि RJD और कांग्रेस के बीच की खींचतान चुनावी नतीजों पर असर डालेगी।
243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि बिना खुद मैदान में उतरे प्रशांत किशोर क्या बड़ा राजनीतिक चमत्कार दिखा पाते हैं।
