भारत में हिंसक अपराधों में भारी गिरावट: 10 साल में 29% कमी, दंगों में 40% की गिरावट

भारत में कानून-व्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले एक दशक में हिंसक अपराधों में 29 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

2014 में जहां ऐसे अपराधों की संख्या 1.45 लाख थी, वहीं 2023 में यह घटकर 1.02 लाख रह गई। यह आंकड़ा 2004 के मुकाबले भी कम है, जो बीते 20 वर्षों में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी कमी

रेप के मामलों में 2014 के 36,735 से घटकर 2023 में 29,670 मामले हुए हैं — यानी 19% की गिरावट। वहीं, दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराधों में 27% की कमी आई है — 2014 के 8,455 मामलों से घटकर 2023 में 6,156 तक।

हत्या और दंगे भी घटे

दंगों के मामलों में 40% की गिरावट हुई है — 66,042 से घटकर 39,260 तक, जबकि हत्या के मामलों में 18% कमी (33,981 से घटकर 27,721) दर्ज की गई है।

पुलिस सुधार और नई कानूनी व्यवस्था का असर

सरकार का कहना है कि यह सुधार पुलिस आधुनिकीकरण और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लगातार प्रयासों का परिणाम है।
Crime and Criminal Tracking Network and Systems (CCTNS) के तहत देशभर के 17,712 पुलिस थाने अब डिजिटल रूप से जुड़े हैं, जिससे 35 करोड़ से अधिक अपराध रिकॉर्ड्स तक तत्काल पहुंच संभव हुई है। साथ ही, पुलिस मॉडर्नाइजेशन स्कीम के तहत 2021 से अब तक ₹4,846 करोड़ का निवेश किया गया है। नई फौजदारी संहिताओं में महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों पर सख्त और समयबद्ध प्रावधान शामिल किए गए हैं।

 

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