बिहार के सारण ज़िले में कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को उस समय नई राजनीतिक मजबूती मिली जब समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व यूपी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसमें शामिल हुए। यह यात्रा राहुल गांधी ने 17 अगस्त को सासाराम (रोहतास) से चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ शुरू की थी।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अखिलेश की भागीदारी को “लोकतंत्र की रक्षा में एक ऐतिहासिक कदम” बताया। उन्होंने लिखा, “अखिलेश यादव जी हमेशा भाजपा की तानाशाही और गरीबों की आवाज़ दबाने की कोशिशों के खिलाफ हमारे साथ खड़े रहे हैं।”
इस मौके पर राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य भी उपस्थित रहीं। रोहिणी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण से आरजेडी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थीं।
कांग्रेस की यह यात्रा बिहार में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और संशोधनों के विरोध में चलाई जा रही है। विपक्ष इसे मताधिकार की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एकजुट पहल मान रहा है।
सारण की सड़कों पर राहुल, अखिलेश और तेजस्वी की साझा मौजूदगी विपक्षी गठबंधन को जमीनी ताकत देने वाली बड़ी तस्वीर बन गई है।
