बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान, चौंकाने वाली गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। चुनाव आयोग (ECI) ने करीब 3 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं, जिनके दस्तावेजों में संभावित धोखाधड़ी या विसंगतियाँ पाई गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान के नागरिकों के पास भारतीय वोटर आईडी कार्ड पाए गए हैं। यह जानकारी इलेक्ट्रोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs) द्वारा दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान सामने आई।
1 से 30 अगस्त तक इन मामलों की गहन जांच होगी। जो लोग पात्र नहीं पाए जाएंगे, उनके नाम 30 सितंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे।
फिलहाल, 1.95 लाख से अधिक आवेदनों में नाम जोड़ने या हटाने की मांग की गई है, जिनमें से 24,991 मामलों का निपटारा हो चुका है। हालांकि आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इनमें कितने नए नाम जोड़े जा रहे हैं और कितने हटाए जा रहे हैं।
अब तक CPI(ML) ने 79 और RJD ने 3 याचिकाएं दायर की हैं। बीजेपी और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों ने अब तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है, जबकि दावा-आपत्ति की अवधि में अभी तीन दिन शेष हैं।
ECI का कहना है कि बिहार के 99.11% मतदाताओं के दस्तावेज़ सत्यापित किए जा चुके हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि आधार या 11 मान्य दस्तावेजों को पहचान के लिए स्वीकार किया जाए।
