RJD से निष्कासित होने के बाद पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने बिहार की राजनीति में नई शुरुआत करते हुए मंगलवार को पांच छोटे दलों के साथ गठबंधन की घोषणा की। इस नए मोर्चे के साथ वे आगामी विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेंगे।
तेज प्रताप ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह गठबंधन सामाजिक न्याय, अधिकार और बिहार के समग्र विकास को समर्पित होगा। गठबंधन में शामिल पांच दल हैं — विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP), भोजपुरिया जन मोर्चा (BJM), प्रगतिशील जनता पार्टी (PJP), वाजिब अधिकार पार्टी (WAP) और संयुक्त किसान विकास पार्टी (SKVP)।
उन्होंने घोषणा की कि वे इस बार महुआ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे — वही सीट जिससे वे 2015 में विधायक बने थे।
तेज प्रताप ने कहा, “लोग मज़ाक उड़ाते हैं तो उड़ाएं, मैं अपना रास्ता खुद तय करूंगा। हमारा गठबंधन बिहार को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। हम लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जयप्रकाश नारायण के सपनों को साकार करेंगे।”
राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने 25 मई को तेज प्रताप को “गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार” के चलते पार्टी से छह साल के लिए बाहर कर दिया था।
तेज प्रताप ने बाद में आरोप लगाया कि उन्हें और तेजस्वी यादव के बीच साज़िशन दूरी बनाई गई है। उन्होंने कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में ‘जयचंद’ शब्द का इस्तेमाल कर संकेत दिया कि परिवार और पार्टी में गद्दारी हुई है।
