नेपाल में हिंदू राष्ट्र और राजशाही की बहाली की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन तेजी से हिंसक रूप लेता जा रहा है। राजधानी काठमांडू के प्रमुख इलाकों—तिनकुने, सिनामंगल और कोटेश्वर—में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल हो गए।
उग्र भीड़ ने कई सरकारी इमारतों, निजी वाहनों और एक मीडिया हाउस में आग लगा दी। हालात काबू से बाहर होते देख प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया और कई जगहों पर सेना की मदद भी ली गई। प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया।
इन आंदोलनों की अगुवाई कर रहे नेपाल के पूर्व गृहमंत्री दुर्गा प्रसाई को भारत के असम राज्य से पकड़ा गया और नेपाल के झापा जिले लाकर आधिकारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है।
प्रदर्शनकारियों की दो मुख्य मांगें हैं: नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए और 2008 में समाप्त की गई राजशाही को बहाल किया जाए। ज्ञात हो कि नेपाल में 240 वर्षों तक राजशाही रही थी, जिसे लोकतांत्रिक गणराज्य में परिवर्तित कर दिया गया था।
सरकार ने हिंसा में शामिल तत्वों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है और राजधानी के संवेदनशील इलाकों में फिलहाल कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
