दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से राजधानी में पार्टी मुख्यालय के लिए जमीन आवंटन पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। यह मामला तब उठा जब अदालत को सूचित किया गया कि फिलहाल पार्टी का एक वरिष्ठ नेता दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित प्लॉट नंबर 23 और 24 पर अस्थायी रूप से कब्जा किए हुए है।
AAP की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि पार्टी मौजूदा दफ्तर 15 जून तक खाली करने को बाध्य है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के 4 मार्च 2024 के आदेश में कहा गया था। यह जमीन राउज एवेन्यू स्थित है और इसे दिल्ली हाईकोर्ट को जिला न्यायपालिका के विस्तार के लिए आवंटित किया गया है।
वकील ने यह भी दलील दी कि इतने कम समय में नया भवन तैयार करना संभव नहीं है, इसलिए पार्टी को जल्द से जल्द वैकल्पिक ज़मीन आवंटित की जाए। AAP ने संकेत दिया कि यदि केंद्र सरकार आधिकारिक रूप से दीनदयाल उपाध्याय मार्ग वाली जमीन उन्हें आवंटित करती है, तो वे मौजूदा जमीन तुरंत खाली कर देंगे।
इस पर न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद की पीठ ने केंद्र सरकार के वकील से स्पष्ट निर्देश लेने को कहा और अगली सुनवाई की तारीख 28 मई तय की है। अब सभी की नजरें इस तारीख पर टिकी हैं कि क्या AAP को नई जमीन मिलेगी या पार्टी को राजधानी में अपने मुख्यालय के लिए दूसरी जगह तलाशनी होगी।
