राजधानी दिल्ली में फिर एक बार कोरोना वायरस ने दस्तक दी है। हाल ही में सामने आए मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों में कोविड के 100 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से अधिकांश मरीजों में वायरस का नया वेरिएंट पाया गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक सभी मरीजों में केवल बुखार, जुकाम जैसे हल्के लक्षण देखे गए हैं।
इस विषय पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा, “लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार पूरी तरह से सतर्क है और सभी सरकारी तथा निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों को आवश्यक दवाएं, ऑक्सीजन और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।” हालांकि उन्होंने यह बात साफ कही है कि ये कदम सिर्फ एहतियात के तौर पर उठाए गए हैं, किसी गंभीर हालत की वजह से नहीं।
वहीं INSACOG की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में कोविड के NB.1.8.1 और LF.7 वेरिएंट की पुष्टि हुई है। WHO ने मई 2025 तक LF.7 और NB.1.8 वेरिएंट को अंडर मॉनिटरिंग की श्रेणी में रखा है, इन्हें गंभीर या विशेष चिंता वाले वेरिएंट नहीं माना गया है।
देश भर में कोविड-19 के 1000 से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं, जिसमें केरल और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मामले पाए गए हैं। मई में केरल में 430 एक्टिव मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं महाराष्ट्र में 209 एक्टिव मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें चार की मौत हो गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 15, कर्नाटक में 47, गुजरात में 83, पश्चिम बंगाल में 12, और तमिलनाडु में 69 एक्टिव केस दर्ज हुए हैं।
