हर साल की भांति इस वर्ष भी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर लिखा “आप सभी को हिन्दी दिवस की ढेरों बधाई। हिन्दी को एक सक्षम और समर्थ भाषा बनाने में अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

यह आप सबके प्रयासों का ही परिणाम है कि वैश्विक मंच पर हिन्दी लगातार अपनी मज़बूत पहचान बना रही है।” इसी कड़ी में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में ‘हिंदी दिवस कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। इस मौके पर हिन्दी दिवस समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह हुआ।

कोरोना महामारी के कारण पिछले साल इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका था, इसलिए इस वर्ष होने वाले समारोह में वर्ष 2018-19, 19-20 तथा 2020-21 के दौरान राजभाषा हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मंत्रालयों, विभागों, उपक्रमों आदि को तथा राजभाषा हिंदी में उत्कृष्ट लेख और पत्रिकाएं निकालने वाले संस्थानों को पुरस्कार दिए गए।

कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने भी हिस्सा लेते हुए कहा कि हम युगों-युगों तक अपनी भाषा को संभाल कर रखेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा “हमनें सभी स्थानीय भाषाओं को अपनाने का निर्णय लिया है। संसद में सभी लोग अपनी भाषा बोल सकते हैं। 2014 से भारतीय भाषा में बोलने वाले सांसदों की सख्या बढ़ी है। ये हमारे लिए सुखद है।”

उन्होंने आगे कहा कि “राजभाषा हिंदी को बढ़ाने के लिए पुरस्कार प्रेरणा देता है। अच्छे शासन की ये खूबी है। पुरस्कार राजभाषा को बढ़ाने के लिए प्रेरणा देता है। आज आजादी का अमृत महोत्सव पूरा देश मना रहा है।

आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य रखा है। आत्मनिर्भर शब्द सिर्फ उत्पाद के लिए नहीं भाषाओं के लिए भी है। भाषाओं में आत्मनिर्भर नहीं बने तो आत्मनिर्भर का मतलब नहीं रहेगा। किसी भी भारतीय भाषा का एकदूसरे से स्पर्धा नहीं है।

सभी भारतीय भाषाएं एकदूसरे की पूरक है, एकदूसरे को बल देती है। इसलिए हिंदी और देवनागरी को स्वीकार करने के साथ ही हमने सभी भाषाओं को स्वीकार करने का निर्णय लिया है।”

इतिहास के बारे में बता दें कि संविधान सभा ने 14 सितंबर, 1949 को देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया था। इस दिन को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार द्वारा हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया।

आधिकारिक तौर पर पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर, 1953 को मनाया गया था। हाल में वर्ल्ड लैंग्वेज डाटाबेस के 22वें एडिशन ‘इथोनोलॉज’ के मुताबिक, दुनियाभर में 20 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में 6 भारतीय भाषाएं हैं, जिसमें हिंदी दुनिया में तीसरे स्थान पर है।

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