बिहार में विपक्षी पार्टी राष्‍ट्रीय जनता दल(राजद) ने जातीय जनगणना और आरक्षण के मसले को लेकर अपना रूख आक्रामक कर लिया है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने जाति आधारित जनगणना नहीं होने की स्थिति में इसका बहिष्‍कार करने की धमकी दे दी है तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने केंद्र में भाजपा के नेतृत्‍व की सरकार से सवाल पूछे हैं कि आखिर सरकार डर किससे रही है?

पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ(आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना भी साधा गया है। लालू यादव का ट्वीट रहा कि “अगर 2021 जनगणना में जातियों की गणना नहीं होगी तो बिहार के अलावा देश के सभी पिछड़े-अतिपिछड़ों के साथ दलित और अल्पसंख्यक भी गणना का बहिष्कार कर सकते है।

जनगणना के जिन आँकड़ों से देश की बहुसंख्यक आबादी का भला नहीं होता हो तो फिर जानवरों की गणना वाले आँकड़ों का क्या हम अचार डालेंगे?”

इधर, तेजस्‍वी ने कहा कि केंद्र सरकार जाति आधारित जनगणना से इसलिए डर रही है कि पिछड़ी जातियों की वास्‍तविक संख्‍या सामने आने पर यह पता चल जाएगा कि कैसे मुट्ठी भर लोग सत्‍ता, देश के संस्‍थान और संसाधनों पर कुंडली मार कर बैठे हैं।

तो वहीं, राजद के ट्विटर अकाउंट से आरक्षण के मसले पर आरएसएस की आलोचना करते हुए इसे मुट्ठी भर चितपावन ब्राह्मणों का जातिवादी संगठन बताया गया। ट्वीट में लिखा गया कि “इस संगठन की औकात नहीं है कि बैक डोर से आरक्षण बंद कर दे। मोहन भागवत एक बार बयान देकर देख चुके हैं कि इसका हश्र क्‍या होगा।”

बुधवार को लालू प्रसाद और तेजस्‍वी यादव के अलावा पार्टी के आधि‍कारिक ट्विटर अकाउंट से सिलसिलेवार ट्वीट कर साफ संकेत दिया गया कि पार्टी एक बार फिर से मंडल की राजनीति पर खुल कर चलने को तैयार है।

गौरतलब हो कि बिहार ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य में भी इस जनगणना की मांग तेज हुई है। समाजवादी पार्टी(सपा) नेता अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी(बसपा) प्रमुख मायावती ने भी जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया।

अखिलेश और मायावती ने कहा था कि जनगणना में जाति आधारित आंकड़े केंद्र सरकार को जारी करने चाहिए। केंद्र में सरकार के सहयोगी अपना दल के ओबीसी की अलग जनगणना की बात को मायावती ने समर्थन किया था।

Read More

  1. अक्षय कुमार की नई फिल्म का आज आ रहा है ट्रेलर
  2. जातीय जनगणना के पक्ष में नीतीश कुमार केंद्र की असहमति के बाद करेंगे राज्यस्तरीय कोशिश
  3. एआईएमआईएम से निपटने के लिए कांग्रेस और सपा ने तैयार की यह रणनीति
  4. हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में बड़ा हादसा, दर्जनों की मौत
  5. जानें क्या है नक्सलियों से जुड़ा लोन मर्राटु अभियान?