मथुरा के प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर में जौहर की नमाज अदा करने को लेकर बहस तेज होती दिख रही है। इस मामले में मंदिर प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि यात्री आए जरूर थे लेकिन उन्होंने नमाज अदा करने की अनुमति नही ली थी। राजनीतिक और हिंदूवादी दलों ने जहां इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है वहीं कुछ लोग इसे भाईचारे की मिसाल की तौर पर देख रहे हैं।


दरअसल दिल्ली की खुदाई खिदमतगार संस्था के दो सदस्य फैजल खान और मुहम्मद चांद गांधीवादी कार्यकर्ता निलेश गुप्ता और आलोक रत्न के साथ ब्रज चौरासी कोस की यात्रा पर हैं। शनिवार दोपहर यह लोग नंदगांव पहुंचे। इसी दौरान जौहर के नमाज का वक़्त हो गया। इसके बाद दोनों लोगों ने नमाज मंदिर में पढ़ी और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। 

इस मामले पर बहस तेज होती देख जब मंदिर प्रशासन से इस बाबत पूछा गया तो मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी ने कहा कि कुछ लोग यहां आए थे। उनसे बातचीत भी हुई लेकिन नमाज अदा करने का मसला जानकारी में नहीं है। इसके लिए हमारी अनुमति नही ली गई थी।