बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच लगातार जुबानी जंग जारी है। खास कर सत्ताधारी एनडीए और मुख्य विरोधी महागठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार चल रहा है।

एनडीए की तरफ से जहां सुशील मोदी ने मोर्चा संभाल रखा है वहीं महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव मैदान में डंटे हैं। इसी क्रम में पहले सुशील मोदी ने जहां तेजस्वी-तेजप्रताप के चुनावी हलफनामे में दी गई संपत्ति के ब्योरे पर सवाल उठाया वहीं अब उन्होंने एक बार फिर राबड़ी यादव और लालू परिवार से कुछ तीखे सवाल किए हैं।


इस बार सुशील मोदी ने बलात्कार के आरोपी राजद एमएलए राजबल्लभ यादव की पत्नी को टिकट दिए जाजे को लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट कर सवाल उठाए। हालांकि दूसरी तरफ उन्ही के सहयोगी दल जदयू द्वारा मुज़्ज़फरपुर बालिका गृह कांड की आरोपी मंत्री मंजू वर्मा को टिकट देने पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया तक देना उचित नही समझा। सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में पूछा,’राजद ने आपराधिक रिकार्ड वाले जिन 20 से ज्यादा लोगों को टिकट दिए, उनमें हत्या-लूट जैसे मामलों में आरोपी भी हैं।’


उन्होंने यह भी पूछा कि बलात्कार के आरोपी राजबल्लभ से लालू प्रसाद यादव अकेले में क्यों मिले थे, उन्होंने कहा,’बलात्कार के मामले में सजायाफ्ता राजबल्लभ यादव और अभियुक्त राजद विधायक अरुण यादव की पत्नियों को टिकट देकर साफ कर दिया गया कि पार्टी बलात्कार को कोई गंभीर अपराध नहीं मानती।’ 


इसके बाद उन्होंने कहा,’बिहार की एक्सीडेंटल सीएम और पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को यदि बच्चियों के साथ हुए अपराध की चिंता थी, तो वे बतायें कि बलात्कारी राजबल्लभ यादव को बचाने के लिए लालू प्रसाद ने एक अभियुक्त से अकेले में मुलाकात क्यों की थी।’

अरुण यादव को लेकर सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा,’जिस अरुण यादव ने मनी लौंड्रिंग के लिए एक दिन में राबड़ी देवी के आठ फ्लैट खरीदे, उसे बलात्कार के मामले में अरोपी होने के बाद कहां छिपाया गया है? पार्टी ने उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की ?’


इसके बाद बिहार में बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देने की उपलब्धि गिनाते हुए उन्होंने कहा,’साइकिल-पोशाक योजना लागू कर बिहार की बेटियों को आगे बढ़ाने का काम तो एनडीए सरकार ने किया। जनता ने फिर मौका दिया तो इंटर पास बेटियों को 25 हजार और ग्रेजुएट बनने वाली बेटियों के खाते में 50 रुपये दिये जाएंगे।’